
दूसरे देश में पुतिन का मल तक नहीं छोड़ते गार्ड्स, क्या है पूप सूटकेस, जिसे रखते हैं साथ
पुतिन जब भी विदेशी दौरे पर जाते हैं, तो उनका पूप सूटकेस भी उनके साथ ही जाता है। उनके मल को भी वापस रूस ले जाया जाता है। किसी भी देश में उनके मल को इसलिए नहीं छोड़ा जाता, ताकि पुतिन की हेल्थ के बारे में जानकारी न हासिल हो सके।
Putin India Visit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार शाम दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंच गए। पीएम मोदी ने खुद एयरपोर्ट पहुंचकर उनकी अगवानी की। उन्होंने विमान से पुतिन के उतरने के बाद उन्हें गले लगाया और फिर दोनों एक ही कार में सवार हुए। इसके बाद पीएम आवास पर पुतिन के लिए डिनर का आयोजन किया गया। पूरे पीएम आवास को खूबसूरत लाइटों से सजाया गया था।
पुतिन के दो दिनों के दौरे के दौरान भारत और रूस के बीच कई तरह के अहम समझौतों पर मुहर लगनी है। इस दौरे के चलते पूरी दिल्ली में चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है। रूस की ओर से उसकी फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस सुरक्षा इंतजाम के लिए जिम्मेदार है, जबकि भारत की ओर से नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG), खास स्नाइपर्स, एंटी-ड्रोन सिस्टम और AI-पावर्ड सर्विलांस भी मौजूद रहेंगे। पुतिन की ट्रैवल सिक्योरिटी की सबसे अनोखी बात उनका पूप सूटकेस है। इस पूप सूटकेस की भी काफी चर्चा हो रही है।
क्या है पुतिन का पूप सूटकेस?
पुतिन जब भी विदेशी दौरे पर जाते हैं, तो उनका पूप सूटकेस भी उनके बॉडीगार्ड्स साथ ले जाते हैं। इसके जरिए उनके मल (यूरीन और पॉटी) को भी वापस रूस ले जाया जाता है। किसी भी देश में उनके मल को इसलिए नहीं छोड़ा जाता, ताकि कोई भी देश पुतिन की हेल्थ के बारे में जानकारी न हासिल कर ले। ऐसे में पुतिन के बॉडीगार्ड्स उनका यूरिन और मल एक खास पूप सेटकेस में इकट्ठा करके सुरक्षित वापस अपने देश ले जाते हैं।
पुतिन के साल 2017 में पुतिन के फ्रांस दौरे, 2019 में सऊदी अरब के दौरे के दौरान भी पूप सूटकेस देखा गया था। इसके अलावा, हाल के अलास्का समिट के दौरान भी ऐसी चर्चाएं खूब उठी थीं। साल 1999 के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होनी शुरू हुई। उनकी सुरक्षा में लगे बॉडीगार्ड्स को चुने जाने का भी प्रोसेस काफी कठिन है। ये सभी प्रेसिडेंशियल सिक्योरिटी सर्विस से आते हैं। इनकी उम्र 35 साल से कम होती है और हाइट भी 180 सेंटिमीटर से अधिक होनी चाहिए।

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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