
आज भारत इन्हीं सिद्धांतों पर… राजघाट पहुंचे पुतिन ने महात्मा गांधी के बारे में क्या लिखा?
इससे पहले पीएम मोदी ने द्विपक्षीय शिखर वार्ता के बाद कहा है कि बीते आठ दशकों में दुनिया ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं और अनेक चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है। इसके बावजूद भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह अडिग रही है।
गुरुवार को ऐतिहासिक दौरे पर भारत पहुंचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान पुतिन ने बापू की समाधि पर सिर झुकाया और परिक्रमा भी की। इसके बाद उन्होंने पुष्प चक्र चढ़ाकर बापू के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की। पुतिन ने महात्मा गांधी के स्मारक पर रखी विजिटर्स बुक के लिए एक नोट भी लिखा। इस नोट में पुतिन ने लिखा है कि गांधी ने अहिंसा और सच्चाई का जो मार्ग दिखाया, भारत और रूस उसी पर आगे बढ़ रहे हैं।
पुतिन ने स्मारिका में रूसी भाषा में लिखा, "महात्मा गांधी ने अहिंसा और सच्चाई के जरिए हमारी धरती पर शांति के लिए एक अनमोल योगदान दिया, जिसका प्रभाव आज भी कायम है। महात्मा गांधी ने एक नई, ज्यादा निष्पक्ष, बहुध्रुवीय दुनिया की व्यवस्था का रास्ता दिखाया, जो अब बन रही है। समानता, आपसी सम्मान और सहयोग पर अपनी शिक्षाओं में आज भारत दुनिया के लोगों के साथ मिलकर, अंतरराष्ट्रीय मंच पर इन्हीं सिद्धांतों और मूल्यों की रक्षा करता है।" उन्होंने आगे लिखा, "रूस भी ऐसा ही करता है।"
कई समझौतों पर हस्ताक्षर
गौरतलब है कि पुतिन दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए हुए हैं। इससे पहले उनका राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। वहीं शिखर वार्ता के बाद पीएम मोदी और पुतिन ने एकजुट होकर दोनों देशों के बीच आठ दशक से अधिक पुरानी साझेदारी को नई गति प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों ने 2030 के आर्थिक कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के अलावा, स्वास्थ्य, गतिशीलता और लोगों के बीच आदान-प्रदान सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह अडिग- PM
मोदी ने द्विपक्षीय शिखर वार्ता के बाद अपने मीडिया वक्तव्य में कहा, ‘‘गत आठ दशकों में दुनिया ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। मानवता को अनेक चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है। इसके बावजूद भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह अडिग रही है।’ प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए तैयार खाके का जिक्र करते हुए कहा कि भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को नयी ऊंचाइयों पर ले जाना अब दोनों पक्षों की साझा प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि भारत और रूस यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के दौरान यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मोदी ने कहा कि भारत ने उस देश में शांति की वकालत की है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मामले के शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। भारत हमेशा अपना योगदान देने के लिए तैयार रहा है और भविष्य में भी ऐसा ही करता रहेगा।’’





