हाईवे पर लगाया CCTV, पाकिस्तान को भेज रहा था सेना की मूवमेंट; पकड़ा गया देश का गद्दार

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, पठानकोट
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पंजाब के पठानकोट में सेना की जासूसी का भंडाफोड़! NH-44 पर CCTV लगाकर पाकिस्तान को लाइव फीड भेजने वाला गिरफ्तार। दुबई और ISI कनेक्शन का खुलासा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

हाईवे पर लगाया CCTV, पाकिस्तान को भेज रहा था सेना की मूवमेंट; पकड़ा गया देश का गद्दार

पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की हर गतिविधि की खुफिया जानकारी पाकिस्तान और विदेशों में बैठे आकाओं तक पहुंचाई जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो नेशनल हाईवे पर चोरी-छिपे CCTV लगाकर लाइव सर्विलांस कर रहा था।

कैसे चल रहा था जासूसी का यह खेल?

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान चक्क धारीवाल गांव के रहने वाले बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू के रूप में हुई है। उसने पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे-44 पर एक पुल के पास स्थित दुकान पर इंटरनेट आधारित CCTV कैमरा लगा रखा था। इसका मुख्य मकसद सेना की आवाजाही पर नजर रखना था। सीनियर पुलिस अफसर दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि इस कैमरे की लाइव फीड इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पाकिस्तान और विदेशों में बैठे गुर्गों को भेजी जा रही थी।

दुबई से मिल रहे थे निर्देश, मिले 40 हजार रुपये

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ में बलजीत सिंह ने कबूल किया है कि उसने जनवरी महीने में सुजानपुर के पास हाईवे पर यह कैमरा इंस्टॉल किया था। उसे दुबई में बैठे किसी अज्ञात व्यक्ति से निर्देश मिल रहे थे, जिसके एवज में उसे 40 हजार रुपये का भुगतान भी किया गया था। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से एक CCTV कैमरा और इंटरनेट वाई-फाई (WiFi) राउटर बरामद किया गया है।

चार लोगों पर FIR दर्ज, छापेमारी जारी

हाईवे पर संदिग्ध गतिविधियों के खुफिया इनपुट के बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की। सुजानपुर पुलिस ने बलजीत सिंह के अलावा तीन अन्य लोगों- विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्का, बलविंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनप्रीत सिंह उर्फ तन्नू के खिलाफ आपराधिक और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का केस दर्ज किया है।

अधिकारियों के अनुसार, उच्च अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी गई है। नेटवर्क की फंडिंग के सोर्स और सीमा पार के लिंक को खंगालने के लिए जांच तेज कर दी गई है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

पहले भी पकड़े गए हैं ISI के हाई-टेक जासूसी मॉड्यूल

यह पहली बार नहीं है जब पंजाब में ऐसे हाई-टेक जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ हो। पिछले ही महीने पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) द्वारा समर्थित दो मॉड्यूल्स का खुलासा किया था। ये मॉड्यूल सैन्य ठिकानों की लाइव फीड भेजने के लिए चीन निर्मित हाई-टेक 4G और सोलर पावर वाले CCTV कैमरों का इस्तेमाल कर रहे थे।

जालंधर और कपूरथला का कनेक्शन

इनमें से एक मॉड्यूल को जालंधर की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने पकड़ा था। एआईजी (काउंटर इंटेलिजेंस) सिमरतपाल सिंह ढींडसा ने बताया कि इस ऑपरेशन में फिरोजपुर के गांव साहंके के रहने वाले सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा को गिरफ्तार कर उसके पास से चीनी कैमरा, सिम कार्ड और 4G कनेक्टिविटी वाली सोलर प्लेट बरामद की गई थी।

वहीं, दूसरा मॉड्यूल कपूरथला पुलिस और एक केंद्रीय एजेंसी के संयुक्त ऑपरेशन में पकड़ा गया। कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि आर्मी कैंट के पास निगरानी की गुप्त सूचना पर मॉडल टाउन में एक दुकान पर छापा मारा गया था। इस मामले में सोना (दोना मटर, फिरोजपुर) और संदीप सिंह उर्फ सोनू (छांगा खुर्द, फिरोजपुर) को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों ने सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक खंभे पर सिम-आधारित कैमरा लगाने के मकसद से ही यह दुकान किराए पर ली थी। उनके पास से विदेशी हैंडलर्स से जुड़े चार मोबाइल फोन, एक सिम-बेस्ड CCTV और एक वाई-फाई सेट मिला।

'फौजी' नाम के पाकिस्तानी हैंडलर ने की थी फंडिंग

कपूरथला मामले की जांच में सामने आया कि कैमरा लगाने के लिए 'फौजी' नाम के एक पाकिस्तानी हैंडलर ने आरोपियों को 35,000 रुपये भेजे थे। एसएसपी तूरा ने बताया कि आरोपी संदीप ड्रग तस्करी से भी जुड़ा था। उसने उसी पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा ड्रोन के जरिए भेजी गई एक किलो हेरोइन बांटने के लिए भी 50,000 रुपये लिए थे।

चीनी कैमरों का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं जासूस?

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि ये मॉड्यूल्स रक्षा बलों से जुड़े संवेदनशील ठिकानों की निगरानी के लिए मोबाइल ऐप के जरिए लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजते हैं। इस हाई-टेक जासूसी पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "ये चीनी कैमरे ऑफ-ग्रिड निगरानी के लिए एकदम मुफीद हैं क्योंकि ये 4G इंटरनेट और सोलर पावर पर चलते हैं। इसके चलते इन्हें आम कैमरों की तरह बिजली के तारों (wiring) की जरूरत नहीं पड़ती और इन्हें आसानी से कहीं भी लगाया जा सकता है।"

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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