
8 करोड़ की ठगी, शर्मिंदगी और… पंजाब के पूर्व IG ने क्यों मार ली खुद को गोली? हैरतअंगेज खुलासे
रिटायर्ड पुलिस महानिरीक्षक अमर सिंह चहल ने सोमवार को अपने घर पर खुदकुशी की कोशिश की। पूर्व IG फरीदकोट में 2015 के बेहबल कलां और कोटकपूरा गोलीबारी मामलों के आरोपियों में से एक हैं।
पंजाब के पूर्व IPS अधिकारी अमर सिंह चहल की आत्महत्या की कोशिश के बाद इसके पीछे की वजहों को लेकर हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं। पुलिस ने बताया है कि घटनास्थल पर मिले एक नोट के मुताबिक पूर्व IG के साथ 8 करोड़ रुपए की ठगी हुई थी और वे इसे लेकर बेहद परेशान थे। इससे पहले सोमवार को अमर सिंह चहल अपने आवास पर गंभीर हालत में मिले थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि कथित तौर पर उन्होंने खुद को गोली मार ली।
पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वरुण शर्मा ने बताया कि पूर्व अधिकारी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आगे की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि चहल ने अपने नोट में लिखा है कि साइबर ठगों ने खुद को धन प्रबंधन सलाहकार बताकर उनसे 8.10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से एक पत्र बरामद हुआ है, जिससे पता चलता है कि वह बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हुए थे।
कैसे हुई ठगी?
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के नाम लिखे पत्र में चहल ने आरोप लगाया कि जालसाज 'एफ-777 डीबीएस वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप' के नाम से व्हाट्सऐप और टेलीग्राम समूहों के माध्यम से सक्रिय थे और डीबीएस बैंक और उसके सीईओ के साथ संबंधों का झूठा दावा कर रहे थे। पत्र के मुताबिक समूह ने स्टॉक ट्रेडिंग, आईपीओ आवंटन, ओटीसी ट्रेड और तथाकथित "क्वांटिटेटिव फंड" के माध्यम से असामान्य रूप से उच्च रिटर्न का वादा करके निवेशकों को लुभाया।
टैक्स के नाम पर लिए 8 करोड़
पत्र में कहा गया है कि बढ़ा-चढ़ाकर मुनाफा दिखाने के लिए फर्जी डैशबोर्ड बनाए गए थे, जिससे धीरे-धीरे निवेशकों में विश्वास पैदा हुआ और उन्हें बड़ी रकम जमा करने के लिए प्रेरित किया गया। चहल ने दावा किया कि उन पर बार-बार मुनाफे को दोबारा निवेश करने का दबाव डाला गया और बाद में उनसे अपना पैसा निकालने के लिए भारी "सेवा शुल्क", "टैक्स" और अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करने को कहा गया, जो कई करोड़ रुपए का था।
SIT जांच की मांग
पूर्व पुलिस अधिकारी ने बताया कि बैंक के माध्यम से सभी भुगतान करने के बावजूद, निकासी की प्रक्रिया कभी पूरी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाला अत्यधिक संगठित था, जिसमें कई बैंक खाते और व्यक्ति शामिल थे। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे धन के स्रोत का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करें या मामले को किसी विशेष केंद्रीय एजेंसी को सौंप दें।
शर्मिंदगी की लिखी बात
पूर्व IG इस घटना से बेहद हताश थे। उन्होंने गहरी पीड़ा, आर्थिक रूप से बर्बादी और भावनात्मक आघात व्यक्त करते हुए लिखा है कि वह तबाह और शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अपने परिवार और सहकर्मियों से माफी भी मांगी है। वहीं उन्होंने कहा है कि ठगों के अलावा, उनके इस फैसले के लिए कोई और जिम्मेदार नहीं है। पुलिस ने कहा है कि कथित धोखाधड़ी की जांच शुरू कर दी गई है और पत्र, बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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