PoK में लोगों को रोटी-दाल तक नहीं दे पा रही पाकिस्तानी सरकार, इधर कश्मीर में बम्पर विकास; पूरी अलग है दुनिया
एक तरफ भारत जहां जम्मू-कश्मीर में जोजिला टनल प्रोजेक्ट का अहम चरण पूरा होने पर खुशियां मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की सरकार लोगों को रोटी दाल तक मुहैया नहीं करा पा रही है। PoK के लोग बगावत पर उतर आए हैं।

पाकिस्तान ने भारत के जम्मू कश्मीर के एक हिस्से पर अवैध कब्जा तो कर लिया, लेकिन बॉर्डर के दोनों पार के अंतर को साफ साफ देखा जा सकता है। एक तरफ जहां PoK में इस वक्त त्राहिमाम मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ भारत कश्मीर में विकास का जश्न मना रहा है। एक तरफ जहां पाकिस्तानी हुकूमत PoK के लोगों को दाल रोटी तक मुहैया नहीं करा पा रही है, वहीं दूसरी तरफ कश्मीर में वंदे भारत जैसी ट्रेन बुलेट के रफ्तार से आगे बढ़ रही है। साफ है कि दोनों तरफ का कश्मीर बिल्कुल अलग है। अब जानते हैं कि कैसे भारत ने कश्मीर में विकास के नए आयाम लिखे हैं और क्यों पाकिस्तान में बगावत की आग भड़क उठी है।
पहले बात PoK की। यहां रावलाकोट, मुजफ्फरराबाद और मीरपुर जैसी जगहों पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। जब भारत हाल ही में जोजिला टनल के खुदाई का काम पूरा होने पर जश्न मना रहा था, उस वक्त PoK के लोगों को दाल और आटे जैसी बुनियादें जरूरतें पूरी करने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। यहां के लोग दशकों से पाकिस्तानी हुकूमत का दमन झेल रहे थे, पर अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। आटा, चावल और दाल से लेकर बिजली के दाम आसमान छू रहे हैं। गरीबी बेतहाशा बढ़ गई है। लेकिन शहबाज शरीफ की सरकार यहां अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में व्यस्त है।
बर्बरता की हद तब हो गई जब अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे लोगों पर आसिम मुनीर की फौज ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी। 'ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया। आधिकारिक आंकड़े भले ही मौतों की संख्या 40 बता रहे हों, लेकिन स्थानीय एक्टिविस्टों के मुताबिक, सुरक्षा बलों की गोलीबारी में अब तक 100 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं और 400 से ज्यादा घायल हैं। यही नहीं यहां सैकड़ों युवाओं को नजरबंद कर दिया गया है और पूरी दुनिया से सच छिपाने के लिए इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी गई हैं।
बॉर्डर के इस पार अलग दुनिया
इस बगावत से महज 100 किमी दूर भारत का कश्मीर आज विकास के नए आयाम छू रहा है। बीते दिनों यहां हिमालय की 11,578 फीट की ऊंचाइयों पर एक और इतिहास लिखा गया। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में एक रिमोट ब्लास्ट के जरिए देश की बेहद अहम जोजिला टनल की खुदाई का काम पूरा कर लिया गया। करीब 13.15 किलोमीटर लंबी यह सिंगल-ट्यूब, टू-लेन बाई-डायरेक्शनल टनल एशिया की सबसे लंबी सुरंग होगी। यहां के लोगों के लिए यह टनल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में वरदान की तरह होगा। अब तक सर्दियों के 3-4 महीनों में भारी बर्फबारी के कारण लद्दाख का संपर्क पूरे देश से कट जाता था। हालांकि अब सोनमर्ग से मिनमर्ग का 3 घंटे सफर महज 15 मिनट में पूरा हो जाएगा।
यह महज एक नमूना है। अनुच्छेद 370 के हटने (2019) के बाद से जम्मू-कश्मीर ने विकास की जो रफ्तार पकड़ी है, उसने पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। अलगाववाद और पत्थरबाजी की घटनाओं में भारी कमी आई है | कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण पर्यटन फल फूल रहा है। आईआईटी जम्मू को अपना कैंपस मिल गया है एम्स जम्मू का भी काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा अटल टनल का इंतजार भी खत्म हो गया है। चिनाब नदी पर विश्व का सबसे ऊंचा 467 मीटर का पुल बनकर तैयार है।
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लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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