'राष्ट्रपति शासन नहीं लगना चाहिए', VCK ने विजय थालापति की TVK को क्यों दिया समर्थन; सामने आई सबसे बड़ी वजह
विजय थालापति की टीवीके तमिलनाडु में सरकार बनाने जा रही है। वीसीके के समर्थन का इंतजार था, उसने समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल सामने आ रहा है कि आखिर वीसीके ने टीवीके का समर्थन क्यों दिया।

4 मई को तमिलनाडु में आए चुनावी नतीजों के बाद एक बड़ा राजनीतिक उठापटक का खेल शुरू हो गया था। इस दौरान कांग्रेस के साथ लेफ्ट और दूसरी पार्टियों ने टीवीके को समर्थन दे दिया, लेकिन वीसीके ने चुप्पी साधे रखी। आखिर में शनिवार को वीसीके ने भी विजय थालापति की टीवीके को समर्थन दे दिया। वीसीके से समर्थन मिलने के बाद विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा एक बार फिर से पेश किया और राज्यपाल ने उसे स्वीकार कर लिया। अब सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि 4 मई से लेकर 8 मई तक वीसीके ने चुप्पी क्यों साधे रखी। अब वीसीके का टीवीके को समर्थन देने की सबसे बड़ी वजह सामने आ गई है।
'राष्ट्रपति शासन नहीं लगना चाहिए'
वीसीके ने विजय थालापति की टीवीके को समर्थन देने की वजह बता दी है। टीवीके ने कहा कि वो तमिलनाडु में कोई संवैधानिक संकट नहीं चाहते थे और वो र्जाय में राष्ट्रपित शासन भी नहीं चाहते थे, इसलिए टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया। वीसीके ने बताया कि टीवीके को समर्थन देने से पहले इसकी जानकारी डीएमके चीफ एमके स्टालिन को दी गई थी। स्टालिन ने भी उनके इस फैसले का समर्थन किया और सरकार बनाने के लिए शुभकामनाएं दीं।
वीसीके ने विजय थालापति की टीवीके को समर्थन का ऐलान करते हुए बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि ताकि वीसीके, टीवीके को सरकार बनाने में कोई रुकावट ना आए। वीसीके ने कहा कि यह फैसला तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू ना हो इसलिए भी टीवीके को समर्थन देने का का फैसला किया। वीसीके ने कहा कि वो टीवीके को अपना समर्थन सिर्फ सरकार बनाने के लिए दे रहे हैं।
टीवीके को समर्थन से पहले स्टालिन से की बात
वीसीके ने बताया कि टीवीके को समर्थन राज्य को संवैधानिक संकट से बचाने के लिए दिया गया है। इस दौरान वीसीके ने बताया कि टीवीके के समर्थन देने से पहले अपने सहयोगी डीएमके चीफ एमके स्टालिन से भी उन्होंने बात की थी। वीसीके ने कहा कि टीवीके को समर्थने देने से पहेल उन्होंने डीएमके चीफ से इसलिए बात की क्योंकि वो टीवीके के प्रतिद्वंदी हैं।
वीसीके ने कहा कि डीएमके और उनके सहयोगी दलों के साथ मिलकर बात करने के बाद उन्होंने टीवीके को समर्थन फैसला किया है। वीसीके के समर्थने के बाद टीवीके चीफ विजय थालापति ने वहां जाने का वादा किया और कहा कि शपथ लेने से पहले वो वीसीके ऑफिस पहुंचेंगे। इस पर वीसीके ने कहा कि वो पहले शपथ ले लें और उसके बाद मिलने के लिए आएं।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।
राजनीतिक पत्रकारिता में आजम
आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।
पत्रकारिता का उद्देश्य
आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।
विशेषज्ञता ( Area of Expertise )
पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर


