'शौचालय में पानी नहीं, सड़कों पर कूड़ा'; राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर केंद्र और बंगाल के बीच विवाद
राष्ट्रपति की टीम ने 5 मार्च को स्थल का दौरा किया और कमियों से अवगत कराया, फिर भी कार्यक्रम हुआ। ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति को सिलीगुड़ी के मेयर, दार्जिलिंग के जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त ने प्रोटोकॉल के अनुसार रिसीव और विदा किया।

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 9वीं अंतर्राष्ट्रीय संताल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समुदाय से हैं। उन्होंने कार्यक्रम में व्यवस्थाओं की कमी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल अंतिम समय में बदल दिया गया, जिससे लोगों को आने में कठिनाई हुई। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के न आने और अन्य मंत्रियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए। मुर्मू ने ममता बनर्जी को अपनी छोटी बहन कहते हुए पूछा कि क्या वे उनसे नाराज हैं, क्योंकि सामान्यतः राष्ट्रपति के आने पर मुख्यमंत्री का स्वागत करना चाहिए। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि शायद राज्य सरकार आदिवासियों के कल्याण नहीं चाहती, इसलिए उन्हें रोका गया।
केंद्र सरकार ने राज्य पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शौचालय में पानी न होने, रास्ते पर कचरा और अन्य खामियों पर रिपोर्ट मांगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे शर्मनाक और बिना मिसाल बताया। साथ ही, टीएमसी सरकार पर सभी सीमाएं पार करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने इन आरोपों का कड़ा खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय संताल परिषद नामक निजी संगठन की ओर से आयोजित था, न कि राज्य सरकार से। जिलाधिकारी ने पहले ही सुरक्षा जांच के बाद अपर्याप्त व्यवस्थाओं की चेतावनी दी थी, जिसे राष्ट्रपति सचिवालय को सूचित किया गया।
क्या प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ?
राष्ट्रपति की टीम ने 5 मार्च को स्थल का दौरा किया और कमियों से अवगत कराया, फिर भी कार्यक्रम हुआ। ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति को सिलीगुड़ी के मेयर, दार्जिलिंग के जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त ने प्रोटोकॉल के अनुसार रिसीव और विदा किया। मुख्यमंत्री या उनके मंत्रियों का इसमें शामिल होना जरूरी नहीं था, क्योंकि वे लाइनअप में नहीं थे। उन्होंने कोई प्रोटोकॉल उल्लंघन न होने का दावा किया। ममता बनर्जी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी देश की सर्वोच्च संवैधानिक कुर्सी का दुरुपयोग कर रही है।
ममता बनर्जी ने कहा, 'बीजेपी राष्ट्रपति पद का अपमान और दुरुपयोग अपनी पार्टी के एजेंडे के लिए कर रही है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।' उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के समय राजनीति न की जाए और राष्ट्रपति को बीजेपी के जाल में फंसाया गया है। ममता ने सवाल उठाया कि बीजेपी शासित राज्यों में आदिवासियों पर अत्याचार होने पर राष्ट्रपति चुप क्यों रहती हैं। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रपति साल में एक बार आतीं तो स्वागत करतीं, लेकिन बार-बार आने पर संभव नहीं। अभिषेक बनर्जी ने भी केंद्र पर हमला बोला कि पूरी व्यवस्था बंगाल के खिलाफ है, फिर भी राज्य मजबूत खड़ा है।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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