PoK वापस लेने की तैयारी, परिसीमन विधेयक पर बीजेपी नेता का बड़ा दावा; बोले- सपना साकार होगा

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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बीजेपी नेता बूरा नरसैया गौड़ का कहना है कि परिसीमन कानून लागू होने के बाद पीओके में भी सीटों का निर्धारण होगा और वहां से भी चुनकर प्रतिनिधि राज्यसभा और लोकसभा में आएंगे। इस तरह पीओके को वापस लेने का सपना साकार हो जाएगा। 

PoK वापस लेने की तैयारी, परिसीमन विधेयक पर बीजेपी नेता का बड़ा दावा; बोले- सपना साकार होगा

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक और परिसीमन विधेयक को पास कराने के लिए ही तीन दिवसीय संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने सरकार का जोरदार विरोध किया। वहीं बीजेपी नेता बूरा नरसैया गौड़ का कहना है कि परिसीमन विधेयक के जरिए पीओके के वापस लेने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि अब 543 से सीटों को बढ़ाकर 850 कर दिया जाएगा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में भी चुनाव करवाया जाएगा। वहां से चुने गए प्रतिनिधि भी भारत की संसद का हिस्सा होंगे।

'पीओके में भी होगा आम चुनाव'

नरसैया ने कहा, इस विधेयक में जो सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, हम उसपर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। इसके तहत पीओके में भी सीटें अलोकेट होंगी। भारत के हर नागरिक का सपना है कि पीओके वापस मिले। यह संवैधानिक और नैतिक रूप से भारत का ही हिस्सा है। ऐसा दिन जरूर आएगा जब पीओके के लोग भी भारत के मतदान में हिस्सा ले पाएंगे और वहां के प्रतिनिधि भारत की राज्यसभा और लोकसभा में बैठेंगे।

परिसीमन विधेयक के विरोध में विपक्ष

बता दें कि एक दिन पहले ही लोकसभा की मैराथन कार्यवाही 12 घंटे तक चली और इसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन विधेयक पर चर्चा की गई। आज लोकसभा में शाम को चार बजे वोटिंग होगी। बता दें कि सरकार की तैयारी है कि महिला आरक्षण कानून 2029 के आम चनाव से लागू हो जाए। हालांकि विपक्ष का कहना है कि जनगणना के आंकड़े फाइनल होने के बाद परिसीमन होना चाहिए। मौजूदा आंकड़े 2011 की जनगणना के हैं जो कि अब अप्रासंगिक हो रहे हैं। विपक्षी दल महिला आरक्षण विधेयक को जल्द लागू करने का समर्थन कर रहे हैं लेकिन परिसीमन विधेयक को विरोध में हैं।

आज यानी शुक्रवार को चर्चा संपन्न होगी जिसके बाद इस पर मत विभाजन होगा। विधेयक पर मत विभाजन के लिए शाम चार बजे का समय निर्धारित किया गया है। सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से संबंधित ऐतिहासिक 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' गुरुवार को संसद के निचले सदने में पेश किए थे।

इन विधेयकों पर गुरुवार देर रात एक बजकर 20 मिनट तक चर्चा हुई और शुक्रवार सुबह इन पर चर्चा आगे बढ़ाई जाएगी। विपक्षी दलों ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन कर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और अन्य पिछड़े वर्गों से उनकी हिस्सेदारी छीनने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से मुक्त करके 2029 से ही लोकसभा की वर्तमान संख्या 543 के आधार पर लागू किया जा सकता है ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील करते हुए कहा कि जो भी इसका विरोध करेंगे, उन्हें इसकी कीमत लंबे समय तक चुकानी पड़ेगी। मोदी ने इन तीनों विधेयकों पर अपने विचार रखते हुए यह भी कहा कि इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए और इसका श्रेय वह विपक्षी दलों को भी देने को तैयार हैं।

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लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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