CJP प्रोटेस्ट में अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से प्रकाश राज ने की मुलाकात, सिंगर चिन्मयी ने क्या कहा?
सोनम वांगचुक के साथ तस्वीरें पोस्ट करते हुए प्रकाश राज ने लिखा कि जंतर-मंतर पर अपने देश के युवाओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए। तस्वीरों में एक्टर मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते, उनसे बातचीत करते और वांगचुक के साथ तस्वीर खिंचवाते दिख रहे हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को NEET की परीक्षा में कथित धांधली को लेकर जंतर-मंतर पर अपना धरना शुरू किए 22 दिन हो गए हैं। वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पिछले दो हफ्तों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इस बीच, शनिवार को एक्टर प्रकाश राज ने एकजुटता दिखाते हुए सोनम वांगचुक से जंतर-मंतर पर मुलाकात की। उन्होंने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई। वहीं, दूसरी ओर, सिंगर चिन्मयी श्रीपदा ने उम्मीद जताई कि एक्टिविस्ट अपना भूख हड़ताल खत्म कर देंगे।
प्रकाश राज नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर वांगचुक और सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। एक्टिविस्ट के साथ तस्वीरें पोस्ट करते हुए एक्टर ने लिखा, ''जंतर-मंतर पर अपने देश के युवाओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए।'' तस्वीरों में एक्टर मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते, उनसे बातचीत करते और वांगचुक के साथ तस्वीर खिंचवाते दिख रहे हैं।
चिन्मयी ने भी वांगचुक के भूख हड़ताल की खबर पर भी रिएक्ट किया। एक एक्स यूजर के पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए उम्मीद जताई कि वांगचुक सुरक्षित रहेंगे। उनके पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए, चिन्मयी ने लिखा, “मुझे उम्मीद है कि सोनम अपना अनशन खत्म कर देंगे। अगर सरकार और जिम्मेदार लोग उनकी या उनके मुद्दों की परवाह नहीं करते और उनकी जान चली जाती है, तो यह सिर्फ एक और इंसान की मौत होगी। ऐसे सिस्टम में, जहां जमीन, जंगल और पानी बड़े उद्योगपतियों (कॉरपोरेट घरानों) के हित में सौंपे जा रहे हैं, एक और आवाज हमेशा के लिए खामोश हो जाएगी।''
CJP का संसद मार्च 20 जुलाई को
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने छात्रों और युवाओं से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने की अपील करते हुए शनिवार को कहा कि सरकार उनकी मांगों के प्रति बहरी हो चुकी है, इसलिए अब अपनी आवाज सीधे संसद तक पहुंचाना जरूरी है। दास ने बताया कि सीजेपी की अगुवाई में अगले सोमवार, 20 जुलाई को जंतर मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा। उनका आरोप था कि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है, इसलिए प्रदर्शनकारी स्वयं संसद तक जाकर अपनी मांगें रखेंगे।
'लोगों को और छात्रों को एक साथ आना पड़ेगा'
उन्होंने आगे कहा, "संदेश स्पष्ट है। लोगों को, छात्रों को एक साथ आना पड़ेगा क्योंकि देश कई उलझनों में उलझा हुआ है। वे 20 जुलाई को हमारे साथ आएं और संसद तक होने वाली शांतिपूर्ण मार्च में हमारा साथ दें क्योंकि सरकार हमारी मांगों के प्रति बहरी हो चुकी है। इसलिए जरूरी है कि हम उनके थोड़ा और करीब जाएं और उन्हें अपनी आवाज सुनाएं।" इस बीच, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे मांग करते हुए भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक के विरोध को भी 14 दिन पूरे हो गए।


