केरल में सीएम को लेकर शुरू हो गया पोस्टरवार, टेंशन में कांग्रेस; रेस में कौन से तीन नाम
केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर तीन दावेदार बताए जा रहे हैं। पहला नाम है वीडी सतीशन, दूसरा केसी वेणुगपाल और तीसरा नाम रमेश चेन्निथला का है। इन नामों को लेकर सड़कों पर पोस्टरवार भी शुरू होगया है जिससे कांग्रेस टेंशन में आ गई है।

अप्रैल महीने में देश के पांच राज्यों में चुनाव करवाए गए। दो राज्यों को उनके मुख्यमंत्री मिल चुके हैं। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं तो वहीं रविवार को तमिलनाडु में टीवीके चीफ विजय ने भी अपना पद संभाल लिया। मंगलवार को असम में हिमंत बिस्व सरमा शपथ लेने वाले हैं लेकिन अभी केरल में मुख्यमंत्री के नाम पर ही फैसला नहीं हो पाया है। यहां कांग्रेस के अगुआई वाले गठबंधन यूडीएफ की जीत हुई है और ऐसे में कांग्रेस को ही मुख्यमंत्री को लेकर फैसला करना है।
कौन हैं तीन दावेदार
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मुख्यमंत्री का फैसला शीर्ष नेतृत्व को करना है और इसका फैसला भी हो चुका है। केवल अब नाम का ऐलान करना बाकी रह गया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि नाम का ऐलान कब किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री बनाने को लेकर कांग्रेस गुटबाजी से टेंशन में है। उसके सामने तीन दावेदार हैं। पले हैं वीडी सतीशन, दूसरे केसी वेणुगोपाल और पूर्व राज्य कांग्रेस अध्यक्ष रमेश चेन्निथला। अभी किसी भी दावेदार को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। वहीं केरल में पोस्टरवार भी सामने आ रहा है। लोग अपने अपने पसंद के दावेदारों के पोस्टर लगाकर उनको मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि केरल की सड़कों पर चल रहे पोस्टरवार से राहुल गांधी काफी नाराज हैं। उन्होंने कहा कि केरल की जनता ने भारी जनादेश दिया है और इसलिए जनता के हित में फैसला करना है और मिलकर काम करना है। किसी भी तरह की गुटबाजी से बचना होगा। पार्टी अध्यक्ष के आवास '10 राजाजी मार्ग' पर हुई बैठक में खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, वी डी सतीशन तथा कांग्रेस के दोनों पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक एवं प्रदेश प्रभारी दीपा दासमुंशी शामिल हुए।
चेन्निथला ने बैठक के बाद कहा था, 'सभी ने अपने विचार व्यक्त किए और राहुल जी ने उन्हें धैर्यपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री के संबंध में अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिया जाएगा और जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह सभी को स्वीकार्य होगा।' दीपा दासमुंशी ने कहा था, 'बहुत जल्द आलाकमान द्वारा अंतिम निर्णय किया जाएगा। सभी विधायकों ने एक लाइन के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें आलाकमान को अंतिम निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है।'
सतीशन ने कहा था कि सभी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत के कारण कांग्रेस ने केरल विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल की है। हालांकि, बाद में मुख्यमंत्री के चयन को लेकर प्रदर्शन, सोशल मीडिया अभियान और यहां तक कि बैनर भी लगाए गए हैं, जिससे पार्टी में मतभेद खुलकर सामने आए हैं। सतीशन ने कहा था, 'हम सभी एक साथ निवेदन करते हैं कि कृपया हममें से किसी के लिए भी इस तरह के प्रदर्शन और अभियान न चलाएं। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं, यूडीएफ कार्यकर्ताओं और उन असंख्य लोगों को ठेस पहुंचेगी, जिन्होंने हमें वोट दिया है।' उनके विचारों का समर्थन करते हुए वेणुगोपाल ने कहा था कि जनता ने पार्टी को भारी जीत दिलाई है और वे एक ऐसी यूडीएफ सरकार चाहते हैं, जो उनके लिए काम करे।
जनता और नेताओं की पसंद अलग-अलग?
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के अधिकतर विधायक वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री पद पर नियुक्त करने के पक्ष में हैं, जबकि जनता की पसंद सतीशन हैं। चेन्निथला की वरिष्ठता और अनुभव को देखते हुए उनकी दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है।
वेणुगोपाल और सतीशन दोनों के समर्थकों ने दिल्ली और केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में अपने नेताओं के पोस्टर और बैनर लगाए हैं। यूडीएफ ने नौ अप्रैल को हुए राज्य विधानसभा चुनाव में 140 सीट में से 102 सीट हासिल कीं। गठबंधन की प्रमुख पार्टी कांग्रेस ने 63 सीट पर जीत दर्ज की है।
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लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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