Hindi NewsIndia NewsPoster put up in Srinagar scandal erupts in Faridabad how the terrorist doctor was caught
श्रीनगर में लगा था पोस्टर, फरीदाबाद में फूट गया भांडा; कैसे पकड़ा गया 'आतंकी डॉक्टर'

श्रीनगर में लगा था पोस्टर, फरीदाबाद में फूट गया भांडा; कैसे पकड़ा गया 'आतंकी डॉक्टर'

संक्षेप: श्रीनगर में एक पोस्टर दिखा था। बाद में इसी तरह का पोस्टर सहारनपुर में देखा गया और डॉ. अदील को गिरफ्तार किया गया। डॉ. अदील से ही फरीदाबाद में रहने वाले कश्मीरी डॉक्टर का पता चला जिसके पास से बड़ी मात्रा में विस्फोटक पाया गया।

Mon, 10 Nov 2025 12:41 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

फरीदाबाद में 'आतंकी' डॉक्टर के पास से दहशतगर्दी का साजो-सामान मिलने के बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक डॉक्टर के ठिकाने पर छापेमारी करके कम से कम 350 किलो आरडीएक्स और दो एके-47 राइफल बरामद की हैं। उसके पास भारी मात्रा में कारतूसें भी मिली हैं। एजेंसियों का कहना है कि आतंकी एनसीआर को दहलाने की साजिश में लगे थे। आरोपी डॉक्टर जम्मू-कश्मीर का रहने वाला था और उसने तीन महीने पहले ही किराए पर कमरा लिया था।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

श्रीनगर में दिखा था पोस्टर

आतंकी डॉक्टर की तलाश श्रीनगर के नौगाम इलाके में एक पोस्टर दिखने के बाद शुरू हुई थी। इस पोस्टर में दुकानदारों को चेतावनी दी गई थी कि वे केंद्रीय एजेंसियों का साथ ना दें। ऐसा ही एक पोस्टर सहारनपुर में दिखाई दिया। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पोस्टर दिखाने वाले शख्स को धरा गया। उसका नाम डॉ. अदील था और वह कश्मीरी मूल का ता। पूछताछ के बाद उसने अन्य डॉक्टरों के बारे में भी बताया जो कि श्रीनगर में रहकर आतंकी साजिश रच रहे थे।

जांच में पता चला कि यह सिलसिला 2021-22 में ही शुरू हुआ था। हाशिम नाम के शख्स की देखरेख में युवाओं को कट्टरपंथी बनाया जा रहा था। इसमें डॉ. उमर नाम का शख्स भी लगा हुआ ता। डॉ. अदील की गिरफ्तारी के बाद ही फरीदाबाद में पकड़े गए डॉ. मुज्जामिल का पता चला। पुलिस ने बताया कि यह गैंग विस्फोटक बनाने का काम करताथा। इसके अलावा उसके लश्कर और जैश से लिंक हो सकते हैं जो कि अपनी तांजिम बनाने की फिराक में था।

अनंतनाग में भी पाया गया था आतंक का सामान

इससे पहले डॉ. अदील के लॉकर से भी एक-47 मिली थी। यह लॉकर अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में था। यह खुलासा बेहद गंभीर है। इससे पता चलता है कि प्रोफेशनल लोगों को भी कट्टरपंथी अपना निशाना बना रहे हैं। पढ़े-लिखे लोग भी स्लीपर सेल बन रहे हैं जो कि बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।

विदेशी फंडिंग से चलती है अल-फलाह यूनिवर्सिटी

फरीदाबाद के आउटर इलाके में एक प्राइवेट मेडिकल इंस्टिट्यूट है जिसका नाम अल-फलाह यूनिवर्सिटी है। यह पहले ही सरकार के समय में बना था। लोगों का कहना है कि विदेशी और खाड़ी देशों की फंडिंग से यह संस्थन चलता है। इसमें पढ़ाने वाले लोग भी ज्यादातर मुस्लिम ही हैं। डॉ. मुजाम्मिल का भी इसी संस्थान से लिंक था।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।