'कुर्सी लाने को कह रही थीं सोनिया गांधी', 'वंदे मातरम' पर गरमाई सियासत तो कांग्रेस ने दिया जवाब
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने अपनी पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वंदे मातरम पूर्ण गायन के दौरान वह इसे रोकनी की कोशिश नहीं कर रही थींं बल्कि मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं।

लाल किले की प्राचीर पर शनिवार को पहली बार पूरा वंदे मातरम् गाया गया। अन्य सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का पूरा गायन हुआ। इस दौरान कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम में वंदे मातरम् के गायन के दौरान कांग्रेस नेताओं के एक कथित वीडियो को लेकर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आज इंदिरा भवन में इसका पूर्ण संस्करण गाया गया। भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर रमेश ने कहा कि गीत के पूर्ण संस्करण के गायन को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे और सोनिया गांधी उनके लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं।
जयराम रमेश ने कहा कि 28 अक्तूबर, 1937 को कलकत्ता में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू, गोविंद बल्लभ पंत और सी राजगोपालाचारी की मौजूदगी में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई थी।
बीजेपी ने क्या आरोप लगाए
भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के गायन पर आपत्ति जताई। हालांकि, विपक्षी दल कांग्रेस ने इस आरोप का खंडन किया। भाजपा के संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने कांग्रेस के कार्यक्रम की वीडियो फुटेज साझा करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा कि मां, बेटा और कांग्रेस अध्यक्ष को संपूर्ण वंदे मातरम् के गायन से ही आपत्ति है। कुछ सोच 1947 से पहले जैसी थीं, वैसी ही 1947 के बाद भी बनी हुई हैं।
बीजेपी ने लगाए तुष्टीकरण के आरोप
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन के दौरान कांग्रेस नेताओं के कथित व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसके नेताओं को वंदे मातरम् से कितनी दिक्कत है। यह किसी पार्टी के प्रोटोकॉल का सवाल नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान का प्रश्न है। ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी ओछी और तुष्टीकरण की राजनीति के चक्कर में आज देश का अपमान किया। कांग्रेस के नेताओं को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। कहा कि जब राष्ट्रीय गीत गाया जाता है तो प्रत्येक भारतीय से अपेक्षा रहती है कि वह पूरे सम्मान और अनुशासन के साथ खड़ा रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम् का गायन हुआ। वंदे मातरम् के सभी छह छंदों के गायन के बाद राष्ट्रगान का गायन हुआ। राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लाल किले की प्राचीर पर फूलों की सजावट में बीच में राष्ट्रीय ध्वज और उसके दोनों ओर हिंदी में वंदे मातरम् लिखा गया था।
कार्यक्रम पुस्तिकाओं में सभी छह छंद शामिल
अतिथियों के लिए जारी कार्यक्रम पुस्तिकाओं में समारोह का विवरण देने के साथ-साथ वंदे मातरम् के सभी छह छंद भी शामिल किए गए थे।ध्वज फहराए जाने के बाद े दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने समारोह स्थल पर पुष्पवर्षा की। इनमें से एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा वंदे मातरम् अंकित ध्वज लेकर उड़ान भर रहा था। (हिन्दुस्तान प्रिंट के सहयोग से)


