शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या मामले में पुलिस को मिला बड़ा सुराग, एक UPI पेमेंट पर पहुंची जांच
टोल प्लाजा से कार के गुजरने की वजह से गाड़ी में बैठे आरोपियों की तस्वीरें भी पुलिस को मिल गई हैं। सीसीटीवी कैमरे में सब कैद हुआ। इसी सिलसिले में झारखंड, यूपी में भी तलाशी अभियान चलाया गया है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हुई हत्या के मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। अब इसके केंद्र यूपीआई पेमेंट है, जिसके इर्द-गिर्द तमाम सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है। दरअसल, जांच में पता चला है कि हत्या में इस्तेमाल हुई कार इस घटना से पहले एक टोल प्लाजा से गुजरी थी। यहां पर एक आरोपी ने नकद भुगतान करने के बजाए टोल यूपीआई के जरिए दिया था। इसी के चलते पुलिस को आरोपी का मोबाइल नंबर भी मिल गया और उसकी पहचान भी हो सकी।
वहीं, टोल प्लाजा से कार के गुजरने की वजह से गाड़ी में बैठे आरोपियों की तस्वीरें भी पुलिस को मिल गई हैं। सीसीटीवी कैमरे में सब कैद हुआ। इसी सिलसिले में झारखंड, यूपी में भी तलाशी अभियान चलाया गया है। इसके अलावा, शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या से जुड़े मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को पता चला है कि हमलावरों को बुधवार रात पहले से यह जानकारी थी कि रथ कार में किस जगह बैठे हैं। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि हत्या के सिलसिले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है, हालांकि अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि पश्चिम बंगाल के बाहर से लाई गई मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने इस हमले को सटीक योजना के साथ अंजाम दिया, और उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में व्यस्त सड़क पर कार में रथ को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावरों को अच्छी तरह पता था कि रथ वाहन के अंदर कहां बैठे हैं। हमला तेज और पेशेवर अंदाज में किया गया।" शुक्रवार को जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर इस्तेमाल की गई दूसरी मोटरसाइकिल बरामद कर ली। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। वहीं, पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई संदिग्ध कार की तलाश तेज कर दी है।
अधिकारी ने ज्यादा जानकारी दिए बिना बताया कि हत्या की जांच के लिए राज्य सीआईडी, आईबी और बंगाल एसटीएफ के अधिकारियों को मिलाकर गठित सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले में 'तकनीकी और जमीनी स्तर के साक्ष्य जुटाने' के लिए उत्तर प्रदेश रवाना हो गया। अधिकारी ने बताया कि अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई दूसरी मोटरसाइकिल बारासात में रेल गेट संख्या 11 के पास बरामद की गई, जो उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम से लगभग छह किलोमीटर दूर है।
चंद्रनाथ के हत्यारों के राज्य से भागने की आशंका
चंद्रनाथ की हत्या में पड़ोसी राज्यों के पेशेवर शूटर की संलिप्तता का संदेह होने के मद्देनजर पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों के पुलिस थानों ने निगरानी और तलाशी अभियान तेज कर दिया है। अधिकारी ने कहा कि पुलिस उन स्थानीय अपराधियों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने हमलावरों को संभवत: साजो-सामान और अन्य सहायता उपलब्ध कराई। उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों द्वारा अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या किए जाने के 36 घंटे से अधिक समय बाद भी पुलिस अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''विस्तृत जांच जारी है। जिस तरीके से हमला किया गया, उससे व्यापक 'रेकी' किए जाने और राज्य के बाहर से भाड़े के पेशेवर शूटर की संभावित संलिप्तता का संकेत मिलता है।'
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लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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