दरवाजा तोड़कर अभिषेक बनर्जी के घर में घुसी पुलिस, खबर मिलते ही ममता भी पहुंचीं

लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता।
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Abhishek Banerjee: सूत्रों के अनुसार, सालबोनी थाने की पुलिस अभिषेक के घर पहुंची थी। महिला अधिकारी भी साथ थीं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किस मामले के कारण यह कार्रवाई की गई।

दरवाजा तोड़कर अभिषेक बनर्जी के घर में घुसी पुलिस, खबर मिलते ही ममता भी पहुंचीं

Abhishek Banerjee: ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के कद्दावर नेता अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित घर पर आज सुबह-सुबह पुलिस पहुंची। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद उन्होंने ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए। पूरे घर की तलाशी ली गई। इस समय पटुआपाड़ा स्थित घर के बाहर केंद्रीय बलों के जवान पहरा दे रहे थे। खबर मिलते ही ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंचीं। सुबह करीब 8 बजे के बाद पुलिस घर से निकली और ममता भी वहां से चली गईं। घर से बाहर निकलने पर अभिषेक ने मीडिया से कहा, "उन्होंने ताला तोड़ा, अंदर आए और पूरे घर की तलाशी ली। हर चीज का रिकॉर्ड मौजूद है।"

सूत्रों के अनुसार, सालबोनी थाने की पुलिस अभिषेक के घर पहुंची थी। महिला अधिकारी भी साथ थीं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किस मामले के कारण यह कार्रवाई की गई। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि शनिवार को तड़के 3 बजे के बाद पुलिस अभिषेक के घर के सामने पहुंची। शुरुआत से ही उनके साथ केंद्रीय बलों के जवान भी थे।

अधिकारियों ने घर में घुसने की कोशिश की और घर में मौजूद लोगों को आवाज दी। काफी देर तक इंतजार करने के बाद उन्होंने ताला तोड़ने का फैसला किया। पुलिस लगभग पांच घंटे तक घर के परिसर में रही, जबकि बाहर केंद्रीय बलों के बड़ी संख्या में जवान तैनात थे। सुबह 7 बजे के बाद कुछ पुलिस अधिकारी घर से बाहर निकले। थोड़ी देर आपस में बातचीत की और फिर वापस अंदर चले गए। आखिरकार सुबह 8 बजे के बाद वे वहां से चले गए।

CID ने की थी लंबी पूछताछ

आपको बता दें कि इससे पहले सीआईडी ने गुरुवार को अभिषेक बनर्जी से पूछताछ की थी। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद वह भवानी भवन स्थित CID हेडक्वार्टर पहुंचे थे। उनसे विधानसभा से जुड़े सिग्नेचर फ्रॉड केस में साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ हुई थी। इसके बाद सीआईडी शुक्रवार को अभिषेक के कालीघाट स्थित घर पहुंची थी, लेकिन इस बार मामला अलग था। साल्ट लेक में उनकी एक टिप्पणी को लेकर साइबर शिकायत दर्ज की गई थी और CID उस जांच के सिलसिले में कालीघाट पहुंची थी। उस समय वह घर पर नहीं थे, जिसकी वजह से सीआईडी की टीम को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

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Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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