PM मोदी ने बहरीन के शाह, सऊदी अरब के युवराज को लगाया फोन; भारतीयों की सुरक्षा पर बातचीत
पीएम मोदी ने दोनों देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा और कुशल मंगल के बारे में विस्तार से चर्चा की, क्योंकि हजारों भारतीय वहां कार्यरत हैं और वर्तमान तनाव से उनकी सुरक्षा को लेकर भारत सरकार विशेष सतर्क है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बहरीन के शाह हम्माद बिन ईसा अल खलीफा और सऊदी अरब के युवराज व प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से टेलीफोन पर बातचीत की। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब क्षेत्र में जारी संघर्ष ने कई देशों को प्रभावित किया है। अधिकारियों के अनुसार, पीएम मोदी ने दोनों नेताओं से बात करते हुए बहरीन और सऊदी अरब पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इन हमलों को इन देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताते हुए अपनी गहरी चिंता जताई।
पीएम मोदी ने दोनों देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा और कुशल मंगल के बारे में विस्तार से चर्चा की, क्योंकि हजारों भारतीय वहां कार्यरत हैं और वर्तमान तनाव से उनकी सुरक्षा को लेकर भारत सरकार विशेष सतर्क है। यह बातचीत पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए बड़े हमलों के बाद हुई, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। ईरान ने इस हमले का जवाब देते हुए कई मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिनमें बहरीन और सऊदी अरब सहित क्षेत्र के कई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे निशाने पर रहे।
खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर
ईरान की जवाबी कार्रवाइयों से बहरीन में अमेरिकी नौसेना की 5वीं फ्लीट मुख्यालय प्रभावित हुआ, जबकि सऊदी अरब के कुछ एयर बेस और पूर्वी क्षेत्रों पर भी हमले रिपोर्ट किए गए। इन घटनाओं ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, जिससे तेल आपूर्ति, व्यापार और नागरिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में अहम है।
नेतन्याहू से भी की थी बात
पीएम मोदी ने इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से भी बात की थी, जहां उन्होंने संघर्ष की तत्काल समाप्ति और बातचीत के माध्यम से समाधान की अपील की। भारत सरकार ने साफ किया है कि वह क्षेत्र में शांति व सुरक्षा के पक्ष में है और किसी भी प्रकार की हिंसा की निंदा करता है। भारतीय विदेश मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी और सहायता के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। वर्तमान स्थिति में पश्चिम एशिया का संघर्ष वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गया है।



