ट्रंप के बाद अब फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने किया फोन, PM मोदी ने बताया मित्र संग किन मुद्दों पर हुई बात

Pramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान
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पीएम मोदी ने ट्वीट कर बताया कि मेरे प्यारे दोस्त प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों का फ़ोन आया। हमने वेस्ट एशिया के हालात पर बात की और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा और नेविगेशन की आज़ादी को तुरंत बहाल करने की ज़रूरत पर सहमत हुए।

ट्रंप के बाद अब फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने किया फोन, PM मोदी ने बताया मित्र संग किन मुद्दों पर हुई बात

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के विफल होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को समुद्री जहाजों के लिए खोले जाने के लिए अलग-अलग स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर बातचीत की। इससे कुछ दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम मोदी के साथ पश्चिम एशिया और होर्मुज समुद्री मार्ग के बारे में बात की थी। मोदी ने अपने मित्र मैक्रों के साथ बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया , “मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का फोन आया। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और होरमुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षा तथा नौवहन की स्वतंत्रता को शीघ्र बहाल करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। हम क्षेत्र और उससे आगे शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपना घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे।”

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है

उल्लेखनीय है कि ईरान के साथ शांति वार्ता विफल होने के बाद से अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है जिससे कि इन बंदरगाहों पर समुद्री जहाजों का आवागमन न हो सके। अमेरिका का कहना है कि उसने यह कदम होरमुज स्ट्रेट को सभी के लिए खोलने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज मार्ग से समुद्री जहाजों के आवागमन को बाधित किया हुआ है जिससे दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है।

मैक्रों ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने का किया आह्वान

इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से वार्ता फिर शुरू करने और होर्मुज़ समुद्री रास्ते को बिना शर्त खोलने का आग्रह किया था। मैक्रों ने इन दोनों नेताओं से भी फोन पर बातचीत की थी और कहा कि इस्लामाबाद में रुकी वार्ता को दोबारा शुरू किया जाए, गलतफहमियों को दूर किया जाए और क्षेत्र में तनाव बढ़ने से रोका जाए। उन्होंने जोर दिया कि युद्धविराम में इज़रायल-लेबनान संघर्ष को भी शामिल किया जाना चाहिए और होर्मुज़ स्ट्रेट को पूरी तरह खोला जाना आवश्यक है, ताकि वैश्विक नौवहन सामान्य हो सके।

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लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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