
कभी नहीं खोद पाएंगे मेरी कब्र, कांग्रेस पर गरजे पीएम मोदी; मोहब्बत की दुकान पर तंज
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को राज्यसभा में जमकर गरजे। कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विपक्षी दल लगातार चुनावी हार को पचा नहीं पा रहा है और उनके प्रति गहरी नफरत रखने के बावजूद वह कभी उनकी कब्र नहीं खोद पाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को राज्यसभा में जमकर गरजे। कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विपक्षी दल लगातार चुनावी हार को पचा नहीं पा रहा है और उनके प्रति गहरी नफरत रखने के बावजूद वह कभी उनकी कब्र नहीं खोद पाएगा। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने लोकसभा में विपक्षी दल द्वारा डाले गए व्यवधान पर खेद जताया और कहा कि यह न केवल एक आदिवासी और महिला राष्ट्रपति का अपमान है, बल्कि उनके सर्वोच्च संवैधानिक पद और भारत के संविधान का भी अपमान है।
यह कैसी मोहब्बत की दुकान
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करते हैं, वे ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगा रहे हैं, जो चुनावी हार से उत्पन्न उनकी हताशा को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह कैसी मोहब्बत की दुकान है? उन्होंने यह कौन से संविधान से सीखा है? क्या यह संविधान का अपमान नहीं है? मोदी ने कहा कि वे कभी मेरी कब्र नहीं खोद पाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष कभी उनकी कब्र नहीं खोद पाएगा क्योंकि उन्हें करोड़ों माताओं, बहनों और देश के गरीबों का आशीर्वाद प्राप्त है, जिनके लिए वे निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं।
रोज देते हैं गालियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस हर भारतीय नागरिक को समस्या मानती थी, जबकि उनकी सरकार उन्हें अपनी ताकत और चुनौतियों का समाधान मानती है। प्रधानमंत्री ने करीब 100 मिनट लंबे भाषण में कहा कि वे (विपक्ष) उन्हें रोज गालियां देते हैं क्योंकि वे यह पचा नहीं पा रहे हैं कि उनके जैसा एक गरीब आदमी इस पद पर कैसे आसीन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रथम परिवार को लगता है कि प्रधानमंत्री का पद उनकी जागीर है। इस दौरान पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर राहुल गांधी की ‘गद्दार’ टिप्पणी की भी निंदा की। साथ ही इसे पूरे सिख समुदाय का अपमान बताया।
खरगे ने क्या कहा
उधर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम उन्हें सुनना चाहते थे। हालांकि, पिछले चार दिनों से हम देख रहे हैं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है। अगर उन्होंने मेरी बात सिर्फ दो मिनट के लिए भी सुन ली होती, तो यह पूरी समस्या हल हो सकती थी। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और लगता है कि उनका ऐसा करने का कोई इरादा भी नहीं था। हमारी पार्टी के महान नेताओं ने इस देश के लिए महान बलिदान दिए। उन्होंने देश के लिए लड़ाई लड़ी, जेल गए और भारत की स्वतंत्रता हासिल करने के लिए अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।





