फिर सरेंडर कर देंगे पीएम मोदी, टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पर फैसले पर बोले राहुल गांधी
टैरिफ को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री एक बार फिर सरेंडर करेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते से भारत की स्थिति कमजरो हुई है। उन्होंने देशहित से समझौता किया है।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आयात शुल्क संबंधी फैसला पलटे जाने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए शनिवार को कहा कि वह एक बार फिर अमेरिका के सामने समर्पण करेंगे। गांधी ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में मोदी की स्थिति कमजोर हुई है। गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा 'प्रधानमंत्री ने देशहित से समझौता किया है। उनका विश्वासघात अब सबके सामने है।'
गांधी ने कहा कि मोदी अब समझौते की शर्तों पर पुनः बातचीत नहीं कर सकते। वह एक बार फिर समर्पण करेंगे। गौरतलब है कि अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न देशों पर भारी आयात शुल्क लागू करने के ट्रंप के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि यह शक्ति सिर्फ अमेरिकी संसद के पास है।
गांधी की यह टिप्पणी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आयी है। कांग्रेस ने बार-बार इस समझौते के समय, पारदर्शिता और शर्तों को लेकर चिंता जताई है। उसकी चिंता खासकर भारतीय किसानों और छोटे व्यवसायियों पर इसके संभावित असर को लेकर है।
कांग्रेस ने की ट्रेड डील स्थगित करने की मांग
कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अब अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को स्थगित कर दिया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दो टूक कहना चाहिए कि अमेरिकी पक्ष से स्पष्टीकरण आने तक भारत की तरफ से आयात उदारीकरण नहीं होगा।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार को इस समझौते पर अमेरिका के साथ फिर से बातचीत करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत के लाखों किसानों की आजीविका पर नकारात्मक असर नहीं हो। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक 'टैरिफ' को खारिज कर दिया, जिससे उन्हें उनके आर्थिक एजेंडे के मुद्दे पर बड़ा झटका लगा है। जजों ने बहुमत से कहा कि संविधान बहुत स्पष्ट रूप से अमेरिकी कांग्रेस को कर लगाने की शक्ति देता है, जिसमें 'टैरिफ' भी शामिल है। रमेश ने कहा, 'अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद इस अंतरिम समझौते को स्थगित कर दिया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अमेरिका की तरफ से स्पष्टीकरण आने तक हम आयात उदारीकरण नहीं करेंगे।'
रमेश ने कहा, 'प्रधानमंत्री, वाणिज्य मंत्री और सरकार को दिसंबर से जानकारी थी कि इस मामले में अमेरिकी उच्चतम न्यायालय का निर्णय आने वाला है और हो सकता है कि निर्णय ट्रंप के खिलाफ का सकता है। फिर ट्रंप पर दबाव क्यों डाला गया कि समझौते की घोषणा की जाए?' उन्होंने कहा, ''ट्रंप ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय का भारत-अमेरिका समझौते पर कोई असर नहीं होगा। क्या प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप के इस बयान से सहमत हैं?'
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Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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