
भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे जैसी, संयुक्त बयान में आतंकवाद पर भी बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों ने अपने संयुक्त बयान में आपसी संबंधों को मजबूत करने और मिलकर आतंकवाद पर प्रहार करने का संकल्प जाहिर किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों ने अपने संयुक्त बयान में आपसी संबंधों को मजबूत करने और मिलकर आतंकवाद पर प्रहार करने का संकल्प जाहिर किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह है। उन्होंने कहा, पिछले आठ दशकों में विश्व में अनेक उतार चढ़ाव आए हैं। मानवता को अनेक चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है और इन सबके बीच भी भारत–रूस मित्रता एक ध्रुव तारे की तरह बनी रही है। परस्पर सम्मान और गहरे विश्वास पर टिके ये संबंध समय की कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं।
आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर प्रहार
पीएम मोदी ने कहा, क्रिटिकल मिनिरल्स को लेकर अहम सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत शुरू से ही यूक्रेन मामले में शांति के ही पक्ष में रहा है। वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस बिना किसी दबाव के भारत को फ्यूल की सप्लाई करता रहेगा।पुतिन ने अपने बयान में कहा कि रूस और भारत के बीच संबंधों को लेकर उन्होंने हर पहलू पर चर्चा की है। हम सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार और संस्कृति के क्षेत्र में अपने संबंधों को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर प्रहार है और रूस-भारत इसके खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ेंगे।
पीएम मोदी ने कहा, भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाना हमारी प्राथमिकता है। हम भारत-रूस आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को 2030 तक जारी रखने पर सहमत हुए हैं। भारत और रूस यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को शीघ्र पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, हम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को सालाना 100 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर ले जाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। भारत और रूस द्विपक्षीय भुगतान निपटान के लिए क्रमिक तरीके से राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग की ओर बढ़ रहे हैं। हम छोटे ‘मॉड्यूलर’ परमाणु रिएक्टर और ‘फ्लोटिंग’ परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण में सहयोग पर भी चर्चा कर सकते हैं।
भारत और रूस के बीच कौन से अहम समझौते
-दोनों ने प्रवासन और आसान आवाजाही से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत एक से दूसरे देश जाकर नौकरी या बिजनेस करना आसान होगा।
-स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
-प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच वार्ता के बाद भारत, रूस ने बंदरगाह और पोत परिवहन क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।





