अब फ्रांस जाएंगे पीएम मोदी, ट्रंप से होगी मुलाकात? इस देश का करेंगे ऐतिहासिक दौरा

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पीएम मोदी अगले महीने फ्रांस में होने वाले 52वें G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा करेंगे। जानें पीएम मोदी के इस अहम यूरोप दौरे का पूरा शेड्यूल, ट्रंप से संभावित मुलाकात का पूरा सच।

अब फ्रांस जाएंगे पीएम मोदी, ट्रंप से होगी मुलाकात? इस देश का करेंगे ऐतिहासिक दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने यानी जून में फ्रांस और स्लोवाकिया के बेहद अहम दौरे पर जा रहे हैं। भारत और यूरोप के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक और व्यापारिक रिश्तों की दिशा में यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने इस दौरे में पीएम मोदी जहां फ्रांस में होने वाले 52वें G7 शिखर सम्मेलन में दुनिया के शीर्ष नेताओं के साथ वैश्विक मुद्दों पर मंथन करेंगे, वहीं स्लोवाकिया पहुंचकर एक नया इतिहास भी रचेंगे।

फ्रांस में G7 समिट और वैश्विक मुद्दों पर मंथन

WION की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष आमंत्रण पर पीएम मोदी 15 से 17 जून तक एवियां-ले-बां शहर में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन में बतौर 'आउटरीच पार्टनर' शामिल होंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान वह नीस और पेरिस का भी दौरा करेंगे।

गौरतलब है कि साल 2019 से पीएम मोदी लगातार G7 समिट का हिस्सा बनते रहे हैं और प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को साथ लाने की इस परंपरा की शुरुआत भी फ्रांस ने ही की थी। इस बार आउटरीच समिट में मुख्य रूप से इन अहम मुद्दों पर चर्चा होगी:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का वैश्विक नियमन
  • क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन
  • व्यापारिक तनाव और जलवायु परिवर्तन
  • ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय विवाद (यूक्रेन और पश्चिम एशिया के हालात)

क्या डोनाल्ड ट्रंप से होगी पीएम मोदी की मुलाकात?

G7 समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि पीएम मोदी और ट्रंप के बीच कोई अलग से द्विपक्षीय वार्ता होगी या नहीं। दोनों नेताओं के बीच आखिरी बार फरवरी 2025 में आमने-सामने की मुलाकात हुई थी, हालांकि इसके बाद दोनों के बीच कई बार फोन पर बातचीत हो चुकी है।

मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता को लेकर ट्रंप के दावों के कारण दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ी खटास आ गई थी। इसके अलावा ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने और देश को लेकर की गई एक बेहद विवादित टिप्पणी (hellhole) का समर्थन करने से भी दूरियां बढ़ी हैं। हालांकि, व्यापारिक समझौते की दिशा में बातचीत के चलते फिलहाल ये टैरिफ हटा लिए गए हैं। इसी महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी भारत आए थे, लेकिन इस दौरे से क्रिटिकल मिनरल डील के अलावा कोई खास नतीजा नहीं निकला था। उन्होंने भारत में भारतीयों के खिलाफ किसी भी नस्लवाद की बात को भी खारिज कर दिया था।

स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा: 1993 के बाद पहले भारतीय पीएम

फ्रांस के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया का द्विपक्षीय दौरा करेंगे। 1993 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली स्लोवाकिया यात्रा है। यह दौरा दोनों देशों के बीच हाल ही में बने सकारात्मक माहौल को और आगे बढ़ाएगा। इससे पहले फरवरी में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के लिए भारत आए थे, जहां दोनों नेताओं के बीच विस्तार से बातचीत हुई थी।

ऑटोमोबाइल और व्यापार में छिपे हैं बड़े अवसर

भारत और स्लोवाकिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है और हाल ही में यह 1.3 अरब यूरो के पार पहुंच गया है। स्लोवाकिया एक मजबूत विनिर्माण क्षमता वाला यूरोपीय संघ (EU) का सदस्य देश है, जो भारत के विशाल बाजार और इनोवेशन इकोसिस्टम के साथ साझेदारी में गहरा मूल्य देखता है। दोनों देश अब इंडस्ट्री 4.0, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और स्टार्टअप्स के साथ-साथ इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं:

  • ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग
  • डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स
  • रिन्यूएबल एनर्जी और परमाणु ऊर्जा
  • स्पेस टेक्नोलॉजी और AI

"यूरोप का डेट्रायट" और भारतीय कनेक्शन

दोनों देशों के आर्थिक सहयोग में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एक मजबूत पिलर बनकर उभर रही है। स्लोवाकिया को अक्सर "यूरोप का डेट्रायट" कहा जाता है। यह देश हर साल लगभग 10 लाख कारों का उत्पादन करता है और प्रति व्यक्ति कार उत्पादन के मामले में दुनिया में सबसे आगे है। यहां फॉक्सवैगन, किआ और स्टेलेंटिस जैसी बड़ी कंपनियों के अलावा भारतीय कंपनी टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली 'जगुआर लैंड रोवर' (JLR) का भी 1.4 बिलियन यूरो का अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्लोवाकिया के निट्रा (Nitra) में स्थित है। 2018 में शुरू हुए इस प्लांट में ग्लोबल मार्केट के लिए 'लैंड रोवर डिफेंडर' और 'डिस्कवरी' गाड़ियां बनती हैं। यह स्लोवाकिया में सबसे बड़े भारतीय निवेशों में से एक है।

यूरोप के साथ मजबूत होती भारत की रणनीतिक साझेदारी

प्रधानमंत्री का यह दौरा नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की हालिया यात्राओं के बाद यूरोप के साथ भारत की बढ़ती कूटनीतिक भागीदारी का सीधा संकेत है। यह दौरा न सिर्फ सप्लाई चेन में विविधता लाने के लिहाज से अहम है, बल्कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में भारत के व्यापक लक्ष्यों के भी एकदम अनुरूप है।

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लेखक के बारे में

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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