
आतंकवाद, एआई पर बात, पीएम मोदी और यूएई प्रेसीडेंट की दो घंटे की बैठक में क्या कुछ हुआ तय
भारत की यात्रा पर आए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जाएद अल नाहयान और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को लंबी बातचीत हुई। इस दौरान दोनों के बीच परमाणु रिएक्टरों पर सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ऊर्जा संरक्षण और आतंकवाद रोकने के उपायों पर अहम चर्चाएं हुईं।
भारत की यात्रा पर आए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जाएद अल नाहयान और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को लंबी बातचीत हुई। इस दौरान दोनों के बीच परमाणु रिएक्टरों पर सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ऊर्जा संरक्षण और आतंकवाद रोकने के उपायों पर अहम चर्चाएं हुईं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच जबर्दस्त तारतम्य है और उनके रिश्ते भी गर्मजोशी से भरे हैं। मिसरी ने बताया कि इन समझौतों पर दोनों नेताओं की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए। उन्होंने कहा कि शेख नाहयान की तीन घंटे की यात्रा बेहद सार्थक रही और इसने दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य की दिशा तय करने का मार्ग प्रशस्त्र किया। शेख नाहयान आज शाम ही भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए थे। पीएम मोदी ने स्वयं हवाई अड्डे जाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद वह शेख नाहयान को अपने साथ कार में अपने आवास लेकर आए।
एनर्जी, एलएनजी डील्स पर फोकस
भारतीय प्रधानमंत्री और यूएई के राष्ट्रपति के बीच बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि रहा। भारत और यूएई ने 10 साल के एलएनजी सप्लाई एग्रीमेंट सप्लाई पर दस्तखत किए। यह समझौता हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और एडनॉक गैस फॉर डिलीवरी के बीच हुआ। इस डील के बाद यूएई भारत के लिए सबसे बड़ा एलएनजी निर्यातक बन जाएगा। दोनों पक्षों ने वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों का समर्थन करने में यूएई की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया।
परमाणु सहयोग में भी इजाफा
दोनों देशों की बातचीत में परमाणु सहयोग भी एक अहम मामला रहा। दोनों पक्षों ने उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियों में साझेदारी तलाशने पर सहमति व्यक्त की। इसमें बड़े परमाणु रिएक्टर और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर का विकास और तैनाती शामिल है। यह चर्चा भारत द्वारा एसएचएनटीआई कानून के लागू होने के बाद हुई। अधिकारियों ने कहा कि यह परमाणु ऊर्जा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए रास्ते खोलता है। सहयोग में उन्नत रिएक्टर प्रणालियों, परमाणु ऊर्जा संयंत्र संचालन और रखरखाव, और परमाणु सुरक्षा भी शामिल होगी।
एआई पर भी हुई बात
इस दौरान एआई और उभरती हुई तकनीकों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया। दोनों देशों ने भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने और डेटा सेंटर क्षमता में यूएई के निवेशों की संभावना को तलाशने पर सहयोग करने पर सहमति जताई। साथ ही ‘डिजिटल एम्बेसीज’ की स्थापना की जांच करने का भी निर्णय लिया, जो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए परस्पर मान्यता प्राप्त संप्रभुता पर आधारित एक अवधारणा है। शेख मोहम्मद ने फरवरी 2026 में भारत में एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी के समर्थन की भी बात की।
आतंकवाद का विरोध
भारत और यूएई की बातचीत में रक्षा सहयोग को भी बढ़ावा मिला। इस दौरान रणनीतिक रक्षा साझेदारी की दिशा में काम करने के लिए पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति ने सेवा प्रमुखों के बीच हाल के आदान-प्रदान और द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों की अहमियत स्वीकार की। साथ ही सीमा पार से होने वाला आतंकवाद की निष्पक्ष निंदा की और सहमति जताई कि अपराधियों, वित्तपोषकों और समर्थकों को कानून के तहत लाया जाना चाहिए। उन्होंने आतंक वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग से मुकाबला करने के लिए वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के ढांचे के भीतर निरंतर सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भी सहयोग
भारत और यूएई ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने पर सहमति जताई। इसके लिए एक संयुक्त पहल हो रही है जो जो अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के व्यवसायिककरण के लिए है। इसमें प्रक्षेपण सुविधा और उपग्रह निर्माण शामिल हैं। वहीं, खाद्य सुरक्षा और कृषि सहयोग पर भी चर्चा हुई, और दोनों पक्षों ने सतत सप्लाई चेन और सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर जोर दिया। खाद्य सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर एक समझौता ज्ञापन से भारतीय किसानों को लाभ होने की उम्मीद है, साथ ही यूएई में खाद्य लचीलापन भी मजबूत होगा।

मिसरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोधाल में बनने वाले राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के लिए ऐतिहासिक कलाकृतियां प्रदान करने के यूएई के निर्णय की भी सराहना की। दोनों पक्षों ने ध्रुवीय विज्ञान के क्षेत्र में संयुक्त अभियानों और संस्थागत सहयोग सहित मिलकर कार्य करने पर भी सहमति जताई। यूएई दुनिया में कहीं भी भारतीय मूल के समुदायों की सबसे बड़ी सभाओं में से एक की मेजबानी करता है। आज यूएई में भारत से लगभग 4.5 मिलियन लोग रह रहे हैं और काम कर रहे हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हमारे इन भारतीय नागरिकों के हितों और कल्याण का ध्यान रखा।





