
कॉमनवेल्थ कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, बांग्लादेश-पाकिस्तान नहीं लेंगे हिस्सा
राजधानी दिल्ली में 14 से 16 जनवरी तक कॉमनवेल्थ कॉन्फ्रेंस होने जा रही है। इसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश हिस्सा नहीं लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को 28वीं कॉमनवेल्थ कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करने जा रहा हैं। इस बार इस कॉन्फ्रेंस में 56 में से 42 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। वहीं भारत से चिढ़े बांग्लादेश और पाकिस्तान ने इससे दूरी बना ली है। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि इस बार सबसे ज्यादा देश इस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने वाले हैं। इस बार ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूके भी इसमें शामिल होंगे।
बिड़ला ने कहा कि बांग्लादेश से हो सकता है कि कोई भी इस कॉन्फ्रेंस में शामिल ना हो। वहीं पाकिस्तान भी इसमें हिस्सा नहीं लेगा। यह कॉन्फ्रेंस 14 से 16 जनवरी तक संविधान सदन में होगी। इसमें कम से कम 61 अधिकारी और प्रिसाइडिंग ऑफिसर शामिल होंगे। उन्होंने कहा, यह बहुत ही गर्व का विषय है कि इस बार भारत इस कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है और इसमें सबसे ज्यादा देश शामिल हो रहे हैं।
इस कॉन्फ्रेंस में सदस्य देशों को बुलाने के लिए सारे प्रोटोकॉल को अपनाया गया है। सभी सदस्य देशों को समय रहते ही इसकी औपचारिक सूचना दे दी गई थी। उन्हें बाकायदा निमंत्रण भेजा गया। इसके अलावा वेबसाइट पर भी सभी देशों का नमंत्रण पत्र अपलोड किया गया है। इतने सारे देशों ने कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने की पुष्टि कर दी लेकिन पाकिस्तान और बांगलादेश की ओर से कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी गई।
अब इस कॉन्फ्रेंस में केवल दो दिन शेष बचे हैं। ऐसे में अब उनके भाग लेने की कोई संभावना नहीं बची है। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की भारत के प्रति चिढ़ और ज्यादा बढ़ गई है। वहीं बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूसुफ की अंतरिम सरकार और इस्लामाबाद में खूब गंठ रही है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है और भारत के खिलाफ जहर उगला जा रहा है। बांग्लादेश में भी हालात स्थिर नहीं हैं। कुल मिलाकर बांग्लादेश का हाल भी पाकिस्तान के जैसा हो रहा है। ऐसे में दोनों एक दूसरे को खूब भा रहे हैं लेकिन भारत उन्हें फूटी आंख भी नहीं सुहाता है।

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Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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