यूएई पहुंचे पीएम मोदी, खुद राष्ट्रपति बिन जायद ने किया स्वागत; आसमान में भेजे फाइटर जेट
पीएम मोदी के 5 देशों के अहम दौरे की शुरुआत यूएई से हो गई है। यूएई पहुंचने पर उनके विमान को F-16 फाइटर जेट्स ने हवा में एस्कॉर्ट किया। इस भव्य स्वागत का वीडियो देखें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (15 मई) को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी पहुंचे। इसके साथ ही उनके पांच देशों के महत्वपूर्ण विदेशी दौरे की शुरुआत हो गई है। 15 से 20 मई तक चलने वाले इस दौरे में यूएई के अलावा नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं। शुक्रवार दोपहर जब पीएम मोदी का विमान यूएई के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तो यूएई की वायुसेना ने सम्मान और सुरक्षा के तौर पर उनके विमान को एस्कॉर्ट किया।
F-16 से किया स्वागत
प्रधानमंत्री के विमान से शूट किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है। इसमें देखा जा सकता है कि जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी के विमान ने यूएई के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया, वैसे ही यूएई के F-16 फाइटर जेट्स ने उनके विमान को सुरक्षा घेरा प्रदान करते हुए उनका शानदार स्वागत किया। अबू धाबी पहुंचने पर उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया।
खुद UAE के राष्ट्रपति ने की अगवानी
अबू धाबी हवाई अड्डे पर पहुंचने पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने खुद उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वहां पीएम मोदी को 'गार्ड ऑफ ऑनर' भी दिया गया। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता जारी है। ऊर्जा सुरक्षा इस दौरे का सबसे बड़ा और अहम मुद्दा है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई और समुद्री व्यापार मार्गों (जैसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर खतरा मंडरा रहा है। भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में देश में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध सप्लाई और स्थिर कीमतें सुनिश्चित करने के लिए बातचीत की जाएगी।
दोनों देशों के बीच जारी इस उच्च स्तरीय बैठक में 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर चर्चा हो रही है। इस वार्ता का मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा (LPG आपूर्ति और स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व), टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास पर है। प्रधानमंत्री यूरोप यात्रा पर रवाना होने से पहले खाड़ी देश में लगभग चार घंटे बिताएंगे।
यूएई के बाद यूरोपीय देशों का दौरा
यूएई का दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री का काफिला यूरोप की ओर बढ़ेगा:
1. नीदरलैंड (15-17 मई)
पीएम मोदी डच प्रधानमंत्री रॉब जेतेन के साथ वार्ता करेंगे। इसके साथ ही उनकी मुलाकात राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भी होगी।
मुख्य फोकस: दोनों देशों के बीच चर्चा का मुख्य केंद्र सेमीकंडक्टर्स, ग्रीन हाइड्रोजन, इनोवेशन, रक्षा और जल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे।
2. स्वीडन (17-18 मई)
स्वीडन में वह स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
पीएम मोदी और स्वीडिश पीएम, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर 'यूरोपीय राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे।
मुख्य फोकस: यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उभरती हुई तकनीकों, हरित ऊर्जा संक्रमण और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं पर विशेष चर्चा होगी।
3. नॉर्वे (19 मई)
पीएम मोदी नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में 'तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन' में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भी भाग लेंगे।
इसके अलावा, वह नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
4. इटली (19-20 मई)
अपनी यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी इटली पहुंचेंगे। वहां वह इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला के साथ वार्ता करेंगे।
मुख्य फोकस: भारत और इटली के बीच स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार बढ़ते सहयोग के बीच यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा देगा।
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लेखक के बारे में
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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
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