PM Modi Full Speech: महिलाओं को हक दिलाएं, सभी दलों से पीएम मोदी की अपील; यहां पढ़ें पूरा भाषण

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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PM Modi Speech: 15 अगस्त 2026 पर लाल किले से पीएम मोदी के भाषण की हर बड़ी बात, ऐलान और संदेश यहां पढ़ें। Independence Day 2026 के सभी लेटेस्ट अपडेट।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से संबोधन शुरू किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से संबोधन शुरू किया।

PM Modi Red Fort Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को लगातार 13वीं बार संबोधित किया। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करना शुरू किया। इस दौरान लाल किले का पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। इस बार के समारोह में ‘Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047’ और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने पर विशेष फोकस है।

प्रधानमंत्री ने देश को नई गति देने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान किया

प्रधानमंत्री मोदी ने 'शक्ति की सप्तधारा' का आह्वान किया और कहा कि ये सात शक्तियां भारत को नई गति तथा नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी। मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि अगले पांच-सात वर्षों में उन कार्यों को पूरा करने की शक्ति हासिल करनी होगी जो पांच-सात दशकों से अधूरे पड़े हैं।

मोदी ने 'शक्ति की सप्तधारा' के तहत पहली शक्ति को 'विनिर्माण शक्ति' बताते हुए कहा कि भारत को 'कंपोनेंट' एवं 'डिजाइन' से लेकर तैयार उत्पादों तक पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित करनी होगी तथा भरोसेमंद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला केंद्र के रूप में उभरना होगा। उन्होंने कहा कि दूसरी शक्ति कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण है।

किसानों के लिए दुनिया के बाजार खुलने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से भारत को बड़ा बाजार मिल रहा है और अब खेत से निर्यात बाजार तक पहुंचने पर जोर देना होगा।

मोदी ने कहा कि भारत के पारंपरिक खानपान, मोटे अनाज (मिलेट्स), मसाले और फल-फूल वैश्विक ब्रांड बनने चाहिए। उन्होंने प्रौद्योगिकी और नवाचार को तीसरी शक्ति बताया और कहा कि आज का दौर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्वांटम प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर का है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को नवाचार का वैश्विक केंद्र बनना होगा।

भारत ने 12 वर्षों में सौर ऊर्जा क्षमता दो गीगावाट से बढ़ाकर 160 गीगावाट की: मोदी

प्रधानमंत्री ने शनिवार को कहा कि भारत ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को 2014 के दो गीगावाट से बढ़ाकर अब 160 गीगावाट कर लिया है, और देश ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, ''एक नई दुनिया बनाना कठिन है। यही वजह है कि चाहे वह चिप हो, एआई हो या डेटा सेंटर, हमें बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता है। नया युग ऊर्जा की मांग करता है।'' उन्होंने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की दिशा में काफी प्रयास किए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले देश की सौर ऊर्जा क्षमता केवल दो गीगावाट थी और आज यह 160 गीगावाट है। उन्होंने यह भी कहा कि 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' (रूफटॉप सोलर) के तहत 50 लाख घरों को शामिल किया जा चुका है।

महिला आरक्षण लागू करने में सभी दल सहयोग करें, महिलाओं को हक दिलाएं : मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण लागू करने में सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाना चाहिए ताकि वे लोकसभा और विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व हासिल कर देश की नीति निर्माण में अपना योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा दशकों से "राजनीति के अखाड़े का शिकार" रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं सभी राजनीतिक दलों से लाल किले की प्राचीर से और तिरंगे झंडे की छाया में आग्रह करता हूं कि महिला आरक्षण लागू करके महिला सम्मान में आप भी जुड़िए, आप भी श्रेय लीजिए, लेकिन माताओं-बहनों को उनका हक दिलाइए।" उन्होंने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि वे देश की नीति निर्माण प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभा सकें। मोदी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना देश के विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने यह आह्वान उस वक्त किया है जब सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पर सहमति बनाने का प्रयास कर रही है। इस साल अप्रैल में विपक्ष के विरोध के कारण विधेयक पारित नहीं हो पाया था।

पीएम मोदी ने गिनाई उपलब्धियां

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "पिछले 12 वर्षों में, रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ गया है, जबकि खादी और ग्रामोद्योगों का उत्पादन लगभग पांच गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लगभग सात गुना बढ़ी है। आधुनिक रेलवे कोचों का उत्पादन 21 गुना और मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। इसके अलावा, हमने डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग चार गुना हो गई है, पेटेंट ग्रांट चार गुना बढ़ गए हैं और डिजिटल लेनदेन सौ गुना बढ़ गए हैं। हमने आम नागरिकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी उतनी ही गंभीरता से काम किया है। हमने पहले की तुलना में औसतन 15 गुना अधिक सालाना गति से नल से पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। गैस कनेक्शन पहले की सालाना गति से छह गुना अधिक गति से दिए गए हैं। हमने गरीबों के लिए शौचालय चार गुना सालाना गति से बनाए हैं और वंचितों को आवास पहले की दर से तीन गुना अधिक गति से उपलब्ध कराए हैं। देश में गवर्नेंस में भी भारी बदलाव आया है; हजारों अनुपालन आवश्यकताओं को खत्म कर दिया गया है और सैकड़ों पुराने कानूनों को रद्द कर दिया गया है। पिछली सदी के कानूनों के भरोसे 21वीं सदी में आगे नहीं बढ़ा जा सकता। हमने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत किया। जिस गति और पैमाने पर यह काम किया गया है- यह गति, यह विस्तार और ये उपलब्धियां, आजादी के बाद पहली बार देखे गए बदलाव को दर्शाती हैं, और यह सब पिछले एक दशक में हुआ है..."

पीएम मोदी ने भाषण में सबसे पहले वंदे मातरम का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए कहा, "आज हर दिल 'वंदे मातरम' की धुन पर धड़क रहा है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज हम सभी 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आज हर दिल में 'वंदे मातरम' का स्वर गूंज रहा है। आज हर घर में तिरंगा लहरा रहा है और हर मन में बसा है; देश नए संकल्पों को अपनाते हुए उत्साह और जोश के साथ आगे बढ़ रहा है।"

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इस स्वतंत्रता दिवस पर मैं बापू और सभी स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।" पीएम मोदी ने कहा, "हमें आत्मनिर्भर बनना होगा और अपने हितों की रक्षा करनी होगी। आज हर भारतीय 'मेक इन इंडिया', 'स्वदेशी' और 'वोकल फॉर लोकल' जैसी पहलों से जुड़ रहा है।"

बाढ़ को लेकर बोले पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई है, जिससे कई लोग प्रभावित हुए हैं। मैं प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।"

हम 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे, लाल किले से गरजे पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, "आज भारत का एक बड़ा सपना है कि 2047 तक वह एक विकसित देश बने। जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश विकसित देश बनने का संकल्प लेता है, तो यह हमारे साहस की पहचान बन जाता है और दुनिया हमें एक अलग नजरिए से देखने के लिए मजबूर हो जाती है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमने भी एक बड़ा सपना देखा है- एक ऐसा सपना जिसे पक्के इरादे और नई ऊंचाइयां छूने के लक्ष्य के साथ पूरा किया जा रहा है। हमारा विजन यह है कि जब हम आजादी के 100 साल पूरे करेंगे- यानी 2047 तक, तब तक हम भारत को एक विकसित देश बना लेंगे। हमें अपने 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक कोशिशों और मेहनती जज्बे से इस लक्ष्य को हासिल करना है। जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश एक विकसित देश बनने का संकल्प लेता है, तो यह दुनिया के सामने हमारे साहस का सबूत बन जाता है; दुनिया हमारे प्रति अपना नजरिया बदलने पर मजबूर हो जाती है..."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा, "कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, तब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है, जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है। अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है। हमें बड़े सपने देखने होंगे क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं... हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए। जब संकल्प दृढ़ होता है तो कठिनाईयों से, आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप उभर कर आता है। हमारे संकल्प भी ऊंचे होने चाहिए क्योंकि जब सपने ऊंचे होते हैं, संकल्प ऊंचे होते हैं तो हमारे सामर्थ्य की ऊंचाई भी बढ़ती है, हमारे प्रयासों की ऊंचाई भी बढ़ती है और तब जाकर हम सपनों को साकार कर सकते हैं।"

21 तोपों की सलामी दी गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। इससे पहले, लाल किला पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। लाल किला पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। लाल किला पर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

युवाओं पर खास फोकस

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। समारोह में बड़ी संख्या में युवा, एनसीसी कैडेट्स और 'माय भारत' के स्वयंसेवक शामिल हुए। आयोजन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि विकसित भारत के निर्माण में युवा केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा के प्रमुख भागीदार हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन ऐसे समय में हुआ है जब सरकार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर जोर दे रही है। लाल किले से प्रधानमंत्री का भाषण हर साल सरकार की प्राथमिकताओं और आने वाले वर्षों के रोडमैप का अहम संकेत माना जाता है। इस बार भी युवाओं, विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता पर विशेष जोर दिखाई दिया।

Amit Kumar

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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