ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पीएम मोदी ने ली CCS की बैठक, LPG-PNG पर क्या अपडेट

Madan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी ने सीसीएस की बैठक की। इसमें पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी गई।

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पीएम मोदी ने ली CCS की बैठक, LPG-PNG पर क्या अपडेट

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच बुधवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक हुई। इस बैठक में एलपीजी, पीएनजी, पेट्रोलियम उत्पादों पर जानकारी दी गई। पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई यह दूसरी ऐसी बैठक थी, जिसमें ईरान युद्ध के बीच देश में उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई।

पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में अपडेट दिया गया। LPG की खरीद के लिए स्रोतों में विविधता लाई जा रही है, जिसके तहत विभिन्न देशों से नई आपूर्ति शुरू की गई है। पीएमओ के बयान के अनुसार, बैठक में बताया गया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों का विस्तार करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। गर्मियों के चरम महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए गए हैं। जैसे कि 7-8 GW क्षमता वाले गैस-आधारित बिजली संयंत्रों को 'गैस पूलिंग मैकेनिज्म' से छूट देना, और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयला पहुंचाने के लिए 'रेक' (मालगाड़ियों) की संख्या बढ़ाना आदि। यह भी बताया गया कि लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) भी विभिन्न देशों से मंगाई जा रही है। सचिव ने आगे बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, और इसकी जमाखोरी तथा कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए 'एंटी-डायवर्जन' (गलत इस्तेमाल रोकने वाले) उपायों को नियमित रूप से लागू किया जा रहा है।

'छापेमारी और सख्त कार्रवाई करके रोकें कालाबाजारी'

इसके अलावा, बैठक में कृषि, नागरिक उड्डयन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा की गई। उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे कि मांग को पूरा करने के लिए यूरिया का उत्पादन बनाए रखना, और डीएपी उर्वरकों की आपूर्ति के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करना। राज्य सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे निगरानी, ​​छापेमारी और सख्त कार्रवाई के माध्यम से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और गलत इस्तेमाल पर अंकुश लगाएं।

बुनियादी जरूरतों की उपलब्धता का लिया जायजा

प्रधानमंत्री मोदी ने आम आदमी की बुनियादी जरूरतों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ तथा रबी मौसमों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने गलत सूचना और अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही जानकारी का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करें।

पिछली बैठक में क्या हुआ था

एक हफ्ते पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए सीसीएस की एक बैठक की अध्यक्षता की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा राहत उपायों पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दी थी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली,निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और सभी प्रभावित क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में इसके अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई थी।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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