लोकतंत्र की जीत हुई और डराने-धमकाने वाली राजनीति हार गई, फलता के नतीजे पर क्या बोले PM मोदी
देबांग्शु पांडा को 1,49,666 वोट मिले, जबकि माकपा के शंभू नाथ कुर्मी 40,645 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कुल 2.36 लाख मतदाताओं वाला यह निर्वाचन क्षेत्र है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर भाजपा की रिकॉर्ड जीत को लोकतंत्र की विजय और डराने-धमकाने की राजनीति की हार बताया। भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘फलता की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। लोकतंत्र की जीत हुई है और डराने-धमकाने की राजनीति हार गई है। फलता में रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज करने के लिए देबांग्शु पांडा जी को बधाई। यह पश्चिम बंगाल की जनता के भाजपा के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है।’
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस नतीजे ने पश्चिम बंगाल की जनता की ओर से नई सरकार पर जताए गए भरोसे को दिखाया है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन के काम की भी सराहना की। देबांग्शु पांडा ने रविवार को फलता विधानसभा सीट पर 1,09,021 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई। पुनर्मतदान से कुछ ही दिन पहले खान ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी, जिसे तृणमूल कांग्रेस ने उनका निजी फैसला बताया था। हालांकि, उस समय नामांकन वापस लेना संभव नहीं था, इसलिए उनका नाम ईवीएम में बना रहा।
देबांग्शु पांडा को 1,49,666 वोट मिले, जबकि माकपा के शंभू नाथ कुर्मी 40,645 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कुल 2.36 लाख मतदाताओं वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में खान को महज 7,783 वोट मिले। टीएमसी का 2011 से लगातार इस सीट पर कब्जा था और 2021 में इसने लगभग 57 प्रतिशत मतों के साथ जीत हासिल की थी।
भाजपा ने पुनर्मतदान में 71.2 प्रतिशत वोट हासिल किए, जो 2021 में 36.75 प्रतिशत के मुकाबले एक बड़ी छलांग है, जबकि टीएमसी का मत प्रतिशत गिरकर सिर्फ 3.7 प्रतिशत रह गया। इस जीत के साथ, निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में राज्य विधानसभा में भाजपा की सीटों की संख्या बढ़कर 208 हो गई है। हालांकि, प्रभावी विधानसभा संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ क्योंकि अधिकारी ने नंदीग्राम सीट खाली करके भवानीपुर सीट बरकरार रखी है।
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लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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