सेवा तीर्थ से PM मोदी का पहला फैसला क्या? महिलाओं, युवाओं के लिए अहम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में महिलाओं, युवाओं और संवेदनशील नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों की फाइलों पर हस्ताक्षर किए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में महिलाओं, युवाओं और संवेदनशील नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों की फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में पीएम राहत योजना, लखपति दीदी की संख्या बढ़ाकर छह करोड़ करने के लक्ष्य से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि अवसंरचना निधि दोगुनी बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपए करने से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए।
पीएम राहत योजना
यह हर नागरिक के लिए जीवन रक्षक सुरक्षा योजना है। प्रधान मंत्री ने पीएम राहत योजना की लॉन्चिंग को मंजूरी दे दी है। इस पहल के तहत, दुर्घटना के शिकार व्यक्तियों को बिना नकद भुगतान के इलाज मिलेगा, जिसकी सीमा 1.5 लाख रुपए तक होगी। इससे फायदा यह होगा कि हादसा होने पर इलाज के अभाव में किसी की जान नहीं जाएगी।
लखपति दीदी का टारगेट डबल
सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदियों का मील का पत्थर पार कर लिया है। यह मूल मार्च 2027 की समय-सीमा से एक साल पहले ही हो गया। प्रधानमंत्री ने अब मार्च 2029 तक 6 करोड़ लक्षपति दीदियों का नया, महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जो आकार और महत्वाकांक्षा दोनों में दुगुना है।
किसानों को भी सौगात
इन फैसलों में किसानों के लिए भी सौगात है। भारत की संपूर्ण कृषि मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना कोष की राशि को ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ करने की मंजूरी दी है।
स्टार्टअप का भी बढ़ा फंड
भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम, खासतौर पर डीप टेक्निक, शुरुआती स्तर के विचारों, उन्नत निर्माण और अग्रणी तकनीकों को सशक्त बनाने के लिए, प्रधानमंत्री ने ₹10,000 करोड़ की फंड के साथ स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0 को मंजूरी दी है।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में सेवा की भावना को दर्शाने वाले निर्णयों से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय स्थित हैं।
सेवा तीर्थ परिसर की दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य अंकित है। केंद्र सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि नई इमारतें भारत की प्रशासनिक शासन संरचना को दर्शाती हैं।

साउथ ब्लॉक बिल्डिंग में आखिरी बैठक
इससे पहले साउथ ब्लॉक बिल्डिंग में आखिरी बैठक भी हुई। बता दें कि दशकों तक, कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में कई स्थानों पर स्थित पुरानी अवसंरचना से काम करते रहे। इस कारण परिचालन में अक्षमताएं, समन्वय संबंधी चुनौतियां, रखरखाव लागत में वृद्धि और कार्य वातावरण की अनुपयुक्तता की समस्या उत्पन्न हुई। नये भवन परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करके इन समस्याओं का समाधान किया गया है।





