फ्रांस और स्लोवाकिया की 6 दिन की यात्रा पर निकले पीएम मोदी, क्यों अहम है यह दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की 6 दिन की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह जी-7 सम्मेलन में शामिल होंगे। वहीं स्लोवाकिया की आजादी के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह 15 जून से फ्रांस में आयोजित होने वाले तीन-दिवसीय जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के अलावा कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। भारत साझीदार देश के रूप में इस समूह की बैठक में तेरहवीं बार भाग ले रहा है। जानकारों का कहना है कि फ्रांस की कंपनी के साथ होने वाली राफेल डील को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बात कर सकते हैं। ऐसे में यह सौदा तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।
रक्षा और प्रौद्योगिकी को लेकर अहम है यह दौरा
आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक पीएम मोदी अपनी यात्रा के दौरान फ्रांस और स्लोवाकिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें रणनीतिक, आर्थिक, रक्षा, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
जी-7 सम्मेलन के दौरान ब्राजील और मिस्र समेत अन्य देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के शहर नीस, एवियन और पेरिस का दौरा करेंगे। जी-7 सम्मेलन के दौरान उनकी समूह के सदस्य देशों के नेताओं, साझीदार देशों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात होने की संभावना है। सम्मेलन में दक्षिण कोरिया, केन्या, ब्राजील और मिस्र जैसे देशों को भी साझीदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है।
फ्रांस के साथ हो सकते हैं कई समझौते
यात्रा के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति सहित विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र में सुधार और सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का मुद्दा भी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल रहने की संभावना है। फ्रांस के साथ प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग यात्रा का प्रमुख केंद्र रहेगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच स्टार्टअप, विश्वविद्यालयों और नवाचार संस्थानों के सहयोग से जुड़े कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये जाने की संभावना है।
स्लोवाकिया यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा होगी तथा दोनों देशों के बीच कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर किये जाने की भी संभावना है। बता दें कि स्लोवाकिया 1993 में ही आजाद हुआ था और आजादी के बाद यह भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा है। प्रधानमंत्री 13 से 14 जून तक फ्रांस के नीस में रहेंगे। इसके बाद वह 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की यात्रा करेंगे और फिर पेरिस लौटेंगे।
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लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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