
‘मेड इन इंडिया, मेड फॉर वर्ल्ड’; राउंडटेबल मीट में PM मोदी ने देशी AI स्टार्ट-अप्स को सुझाए 3 सूत्री मॉडल
बैठक में प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्टार्टअप्स और AI उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं और कहा कि देश में इनोवेशन और बड़े पैमाने पर लागू करने दोनों की अपार क्षमता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (गुरुवार, 8 जनवरी को) अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर भारतीय AI स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण राउंडटेबल बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन 12 स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया, जिन्होंने आगामी 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' के लिए क्वालीफाई किया है। प्रधानमंत्री ने इस बैठक में उभरते उद्यमियों से कहा कि भारत को AI का ऐसा मॉडल पेश करना चाहिए जो नैतिक (Ethical), निष्पक्ष (Unbiased) और पारदर्शी (Transparent) हो।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने जिन स्टार्ट-अप्स के साथ मीटिंग की है वे अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। इनमें भारतीय भाषा फाउंडेशन मॉडल, बहुभाषी LLMs, स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-ऑडियो और टेक्स्ट-टू-वीडियो; ई-कॉमर्स, मार्केटिंग और पर्सनलाइज़्ड कंटेंट बनाने के लिए जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करके 3D कंटेंट; इंजीनियरिंग सिमुलेशन, मटीरियल रिसर्च और अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ में डेटा-ड्रिवन फैसले लेने के लिए एडवांस्ड एनालिटिक्स; हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स और मेडिकल रिसर्च, से जुड़े उद्यमी भी शामिल हैं।
AI सेक्टर तेजी से बढ़ रहा
बैठक के दौरान AI स्टार्ट-अप्स ने देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि AI सेक्टर तेज़ी से बढ़ रहा है और इसकी संभावनाएं बहुत व्यापक हैं। स्टार्ट-अप नेताओं ने यह भी कहा कि AI इनोवेशन और इसके उपयोग का केंद्र धीरे-धीरे भारत की ओर शिफ्ट हो रहा है। भारत अब AI विकास के लिए एक मजबूत और अनुकूल माहौल प्रदान करता है, जिससे देश वैश्विक AI मानचित्र पर मजबूती से अपनी जगह बना रहा है।
AI से समाज में होंगे बड़े बदलाव: प्रधानमंत्री
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाज में बड़े बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि भारत अगले महीने ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ की मेजबानी करेगा, जिसके जरिए भारत वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाएगा। PMO के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत AI को अपनाकर और उसका सही उपयोग करके परिवर्तन लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

‘स्टार्ट-अप्स भारत के भविष्य के सह-निर्माता’
बैठक में प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्टार्टअप्स और AI उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं और कहा कि देश में इनोवेशन और बड़े पैमाने पर लागू करने दोनों की अपार क्षमता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत को दुनिया के सामने एक अनोखा AI मॉडल पेश करना चाहिए जो "मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड" की भावना को दर्शाता हो। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, यह बैठक भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने की दिशा में एक अहम कदम है।

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।




