शांति, प्रगति और समृद्धि... बांग्लादेश में प्रचंड जीत पर PM मोदी ने तारिक रहमान को किया फोन
बांग्लादेश चुनाव में ऐतिहासिक जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन करके बधाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इसकी जानकारी दी है।

बांग्लादेश चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाली बीएनपी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। बीएनपी चीफ और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहे तारिक रहमान को फोन करके पीएम मोदी ने बधाई दी। पीएम ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इस बात की जानकारी दी।
बांग्लादेश नेशनल पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर तारिक रहमान से हुई बातजीत का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा, “ तारिक रहमान से बात करके मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई। मैंने उन्हें बांग्लादेश चुनावों में उनकी शानदार जीत पर बधाई दी। मैंने बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों में अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया। गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों वाले दो निकट पड़ोसी देशों के रूप में, मैंने दोनों देशों की जनता की शांति, प्रगति और समृद्धि के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया।”
इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए ही तारिक रहमान को बधाई संदेश दिया था। बीएनपी के नेता से जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यावद देते हुए कहा कि एक लोकतांत्रिक देश के नेता को दूसरे देश की जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने यही किया इसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने हमारे नेता (तारिक रहमान) को बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से तारिक रहमान के लिए बधाई संदेश ऐसे समय में आया है, जब बीएनपी ने 20 साल बाद ऐतिहासिक रूप से बांग्लादेश की सत्ता में वापसी की है। अभी तक घोषित आंकड़ों के मुताबिक 297 सीटों में से बीएनपी और उसके सहयोगियों ने 212 सीटों पर जीत दर्ज की है। दूसरी तरफ जमात ए इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन, जिसमें शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले छात्रों की पार्टी भी शामिल है। उसने केवल 77 सीटों पर जीत हासिल की है। इसके अलावा सात सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे हैं।
गौरतलब है कि शेख हसीना के शासन काल के दौरान भारत और बांग्लादेश के संबंध बहुत ही बेहतर रहे थे। अगस्त 2024 में जब शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन हुआ तो उन्हें भागकर हिंदुस्तान ही आना पड़ा। तब से लेकर अभी तक वह यहां पर ही हैं। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने भारत सरकार के ऊपर दबाव बनाने की भी कोशिश की लेकिन सरकार ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद पहले से ही भारत विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन करने वाले यूनुस और उनके प्रशासन ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए। यूनुस ने चीन जाकर भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों को लेकर उल्टा-सीधा बोला और स्वयं को इस क्षेत्र का मसीहा दिखाने की कोशिश की। हालांकि, भारत ने यूनुस की अंतरिम सरकार के साथ बातचीत में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई।
आवामी लीग को बैन करने के बाद बांग्लादेश में बीएनपी ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भारत ने बीएनपी के साथ बातचीत करना शुरू किया। खालिदा जिया के निधन पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश पहुंचकर तारिक रहमान से बात भी की। अब जबकि तारिक चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं, तो देखना होगा कि उनका रुख आखिर किस तरफ रहता है।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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