'BRICS सहयोग केवल सरकारों तक न रहें' समिट के दूसरे दिन बोले पीएम मोदी
ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन पीएम मोदी ने सदस्य देशों के नेताओं को संबोधित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी कोशिश रही है कि ब्रिक्स का सहयोग केवल सरकारों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इसका लाभ आम जनता तक पहुंचे।

BRICS Summit: नई दिल्ली में जारी ब्रिक्स समिट के 18वें संस्करण के अंतिम दौर में पीएम मोदी ने एक बार फिर से सदस्य देशों को संबोधित किया। उन्होंने जोर ब्रिक्स देशों के बीच में सहयोग बढ़ाने और इस सहयोग को केवल सरकारों तक सीमित न रखकर आम जनता तक पहुंचाने की वकालत की। इसके अलावा पीएम मोदी दुनिया में बढ़ते तनावों को देखते हुए ब्रिक्स समूह की मुश्किलों का सामना करने की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत सदस्य और मेहमान देशों के नेताओं के सामने पीएम मोदी ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "आज दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिसका आम लोगों के जीवन पर काफ़ी और व्यापक बुरा असर पड़ रहा है। महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने यह दिखा दिया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। इसलिए, हमने ब्रिक्स समूह में मुश्किलों का सामना करने की क्षमता को बढ़ाने पर खास जोर दिया है। चुनौतियों की समय रहते पहचान करना, उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कार्रवाई करना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के साथ, संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए 'ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम' पर सहमति बनी है। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन के लिए 'अर्ली वार्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस' भी तैयार की गई हैं।"
ग्लोबल साउथ वैश्विक संकटों में सबसे आगे, निर्णय में पीछे- पीएम मोदी
ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक दक्षिण संकटों में सबसे आगे रहता है। लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में पीछे खड़ा हुआ नजर आता है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि हमें इस विशेषाधिकार के पिरामिड को साझेदारी के मंच में बदलना होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ को अब नियम मानने वाले से नियम बनाने वाले की भूमिका में लाने का प्रयास किया जाना चाहिए। ब्रिक्स के माध्यम से, हम ग्लोबल साउथ के युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कानूनी विशेषज्ञता प्रदान कर सकते हैं।
ब्रिक्स में सबको साथ लेकर चलने का भाव: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि हमें ग्लोबल साउथ में सबको साथ लेकर चलने की पर काम करना होगा। उन्होंने कहा, "हमने ब्रिक्स के जरिए सबको साथ लेकर चलने वाले ग्लोबल विकास को बढ़ावा देने की कोशिश की है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारा मानना है कि ब्रिक्स के अंदर जो समाधान निकाले जाएं, उनसे सिर्फ ब्रिक्स देशों को ही फायदा न हो। उन्हें 'ग्लोबल साउथ' की जरूरतों के हिसाब से ढाला जा सके और उन तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा, "ब्रिक्स की ताकत हमारी विविधता और सहयोग में है। भले ही हमारी परिस्थितियां अलग-अलग हों, लेकिन हम सहयोग के जरिए साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं और मानवता के लिए फलते-फूलते हैं।"
ब्रिक्स पर बढ़ा ग्लोबल साउथ के देशों का भरोसा: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशों के ऊपर ग्लोबल साउथ के देशों का भरोसा बढ़ने की बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज ब्रिक्स पर वैश्विक दक्षिण के देशों का भरोसा बढ़ रहा है क्योंकि यहां उनकी आवाज सुनी जाती है। उनके अनुभवों का सम्मान किया जाता है, और समाधान सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि उनके साथ मिलकर निकाले जाते हैं"।


