'आप इसका श्रेय ले सकते हैं' PM मोदी की विपक्ष से महिला आरक्षण लागू कराने की अपील
PM ने कहा कि यह समय की मांग है, और मैं एक बार फिर सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं। आइए, महिला आरक्षण लागू करके महिलाओं के सम्मान में शामिल हों।

80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी राजनीतिक दलों से एक महत्वपूर्ण अपील की। प्रधानमंत्री ने सभी दलों से एकजुट होकर राज्यों की विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व जल्द से जल्द सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की भावी नीतियों और फैसलों को सही आकार देने के लिए महिलाओं का राजनीतिक नेतृत्व बेहद जरूरी है।
'40 साल का राजनीतिक खेल खत्म हो, दल आगे आएं'
प्रधानमंत्री ने स्थानीय निकायों में महिला प्रतिनिधियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, "आज पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों में हमारी महिला प्रतिनिधि बहुत बड़ी संख्या में देश का मार्गदर्शन कर रही हैं, स्थानीय चुनौतियों को हल कर रही हैं और असाधारण रूप से सक्षम नेतृत्व प्रदान कर रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हमने संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया था। लेकिन पिछले 40 सालों से यह सपना राजनीतिक खींचतान का शिकार होता रहा।"
उन्होंने कहा, "आज तिरंगे की छाया में खड़े होकर मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से करबद्ध प्रार्थना करता हूं कि वे आगे आएं, हमारी नारी शक्ति की क्षमता का सम्मान करें और विधानसभाओं व लोकसभा में माताओं-बहनों को 33% आरक्षण सुनिश्चित करें।"
PM ने कहा कि यह समय की मांग है, और मैं एक बार फिर सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं। आइए, महिला आरक्षण लागू करके महिलाओं के सम्मान में शामिल हों। आप इसका श्रेय ले सकते हैं, आप वाह-वाही बटोर सकते हैं, लेकिन हमारी माताओं और बहनों को उनका हक जरूर दीजिए।
क्यों अटका है नारी शक्ति वंदन अधिनियम (2023)
महिला आरक्षण को लेकर 2023 में संसद के दोनों सदनों से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम (131वां संविधान संशोधन विधेयक) को लागू करने की दिशा में राजनीतिक चुनौतियां रही हैं।
17 अप्रैल को लोकसभा में इस विधेयक को प्रभावी बनाने से जुड़े संवैधानिक प्रक्रिया के दौरान उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के आवश्यक दो-तिहाई बहुमत का समर्थन न मिल पाने के कारण यह मामला अटक गया था। इस कानून का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में परिसीमन प्रक्रिया के साथ 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना है।


