‘मीट शाक्त हिंदू धर्म का हिस्सा है’, पीएम के सलाहकार की बाबा बागेश्वर को दो टूक

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने दुर्गा पूजा के दौरान बंगाली समुदाय से नॉन वेज न खाने की अपील करते हुए उत्सव के दौरान मांस खाने वालों पर कटाक्ष किया था और उन्हें 'अधर्मी' करार दिया था।

PM economic advisor Sanjeev Sanyal hits back at Baba Bageshwar
बागेश्वर बाबा के नॉन वेज वाले बयान पर PM के सलाहकार संजीव सान्याल का पलटवार।

दुर्गा पूजा के दौरान नॉन वेज से परहेज करने की कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) की अपील पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल और पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इस अपील को पूरी तरह खारिज करते हुए बंगाल की सदियों पुरानी शाक्त परंपरा और खान-पान की संस्कृति का बचाव किया है।

नवमी-दशमी पर महाप्रसाद है मांसाहार: संजीव सान्याल

पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखने वाले जाने-माने अर्थशास्त्री और पीएम के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर बागेश्वर बाबा के बयान को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने लिखा, मांसाहार शाक्त हिंदू धर्म का मूल हिस्सा है। सदियों पुरानी मान्यताओं के तहत मां दुर्गा और मां काली को मांस अर्पित किया जाता है।"

सान्याल ने लिखा कि दुर्गा पूजा में नवमी और दशमी के दिन श्रद्धालुओं की ओर से ग्रहण किया जाने वाला महाप्रसाद मांसाहार ही होता है। इस पवित्र और प्राचीन परंपरा में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष की दो-टूक

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने भी धीरेंद्र शास्त्री के बयान से पल्ला झाड़ते हुए साफ किया कि राज्य के बाहर का कोई भी व्यक्ति बंगाल के लोगों के खान-पान का तरीका तय नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा, "मुझे अपनी मर्जी से जीने दीजिए। बंगाली वही खाएंगे जो वे हमेशा से खाते आए हैं। क्या बंगाली मछली और मांस नहीं खा सकते? स्वामी विवेकानंद ने भी इस पर सहमति जताई थी, उनसे बड़ा कोई है क्या?"

भट्टाचार्य ने सांस्कृतिक संदर्भ देते हुए कहा कि अष्टमी के दिन 'लुची' (पूरी) और नवमी के दिन मां काली के भोग के रूप में बकरे का मांस (Khassi) खाना बंगाल की समृद्ध और पुरानी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। इसे बदलने का सवाल ही नहीं उठता।

धीरेंद्र शास्त्री ने क्या बोला था?

हाल ही में धीरेंद्र शास्त्री ने दुर्गा पूजा के दौरान बंगाली समुदाय से नॉन वेज न खाने की अपील करते हुए उत्सव के दौरान मांस खाने वालों पर कटाक्ष किया था और उन्हें 'अधर्मी' करार दिया था।

हालांकि, बंगाल में दुर्गा पूजा को केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि एक भव्य सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है, जहां शाक्त और तांत्रिक परंपराओं के तहत बलिप्रथा और प्रसाद के रूप में मछली और मीट अर्पण की अपनी विशिष्ट मान्यताएं हैं। ऐसे में भाजपा नेताओं और बुद्धिजीवियों का यह रुख स्पष्ट करता है कि स्थानीय खान-पान और धार्मिक विविधता के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

Shubham Sharma

लेखक के बारे में

Shubham Sharma
शुभम शर्मा साल 2017 से पत्रकारिता और मीडिया जगत में काम कर रहे हैं। टीवी में इनपुट असाइनमेंट से शुरुआत करते हुए डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक का अनुभव। TV9 भारतवर्ष और मनीकंट्रोल हिंदी (Network 18) जैसे बड़े संस्थानों के बाद अब लाइव हिंदुस्तान में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर खबरों को आप तक पहुंचाने के काम कर रहे हैं। और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव , CJP Protest Live और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia News‘मीट शाक्त हिंदू धर्म का हिस्सा है’, पीएम के सलाहकार की बाबा बागेश्वर को दो टूक