चुनावी मौसम में AI वीडियो और फर्जी लेटर से परेशान RSS, वायरल हो रहे मोहन भागवत के डीपफेक
विधानसभा चुनावों के बीच आरएसएस पदाधिकारियों के कई डीपफेक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। आरएसएस का कहना है कि कई फर्जी लेटर भी सोशल मीडिया पर प्रचारित हो रहे हैं जो कि एकदम गलत हैं।

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले AI वीडियो और फर्जी लेटर की वजह से आरएसएस की चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर कई बार एआई से बनाए गए फर्जी वीडियो वायरल किए जाते हैं। इसके अलावा आरएसएस के लेटर हेड का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर कोई भी बयान प्रचारित किया जाता है। आरएसएस के पदाधिकारियों ने इसको लेकर चिंता जताई है और लोगों से निवेदन किया है कि बिना ठीक से जांचे-परखे और क्रॉस चेक किए किसी बात पर भरोसा ना करें।
मोहन भागवत का भी वीडियो वायरल
फरवरी हमीने में आरएसएस चीफ मोहन भागवत का एक वीडयो वायरल हो रहा था। इसमें वह कह रहे थे कि सेना का भगवाकरण करना है। इसके अलावा उनको कहते हुए देखा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अछूतों से छुटकारा पा लेना चाहिए। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया। हालांकि जब जांच की गई तो पता चला कि यह वीडियो फर्जी था और एआई से बनाया गया था। एआई की मदद से आसानी से व्यक्ति की भाव-भंगिमाएं, होटों के हिलने और अन्य चीजें भी बदली जा सकती हैं।
फर्जी लेटर, एआई से बनाया लेटरहेड
आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा कि विरोध करने के लिए एक पूरी प्लेबुक तैयार की गई है। कई अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि एआई के समय में इस तरह की गलत जानकारी प्रचारित होना आम बात हो गई है और ऐसे में जनता को ही जागरूक रहना चाहिए और किसी आंखों देखी बात पर भी बिना सोचे-समझे भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई से बनाई गई कई ऑडियो क्लिप, फर्जी लेटर सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं।
बता दें की सोशल मीडिया पर डीपफेक वीडियो की बाढ़ आ गई हैं। इनके जरिए एनएसए अजित डोभाल और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी टारगेट किया जा रहा है। वहीं आरएसएस के फर्जी लेटरहेड पर कई तरह के बयान लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिनका आरएसएस खंडन कर रहा है। एक पदाधिकारी ने कहा, जिस तरह से अब झूठ का प्रचार करना आसान हो गया है, पहले इतना नहीं था। आज एआई के माध्यम से किसी को भी भ्रमित किया जा सकता है।
लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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