रोकी जाएं उड़ानें, पायलटों के संगठन ने उठाई मांग; जोखिम का भी किया जाए आंकलन

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई
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पायलटों के संगठन, एल्पा ने शुक्रवार को नागर विमानन मंत्रालय और विमानन नियामक डीजीसीए से खास आग्रह किया। इसमें कहा गया है कि कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच उच्च जोखिम वाले संघर्ष क्षेत्रों के लिए उड़ान संचालन को तब तक निलंबित किया जाए, जब तक केंद्रीय स्तर पर जोखिम का आकलन नहीं हो जाता।

रोकी जाएं उड़ानें, पायलटों के संगठन ने उठाई मांग; जोखिम का भी किया जाए आंकलन

पायलटों के संगठन ‘एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन (एल्पा) इंडिया’ ने शुक्रवार को नागर विमानन मंत्रालय और विमानन नियामक डीजीसीए से खास आग्रह किया। इसमें कहा गया है कि कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच उच्च जोखिम वाले संघर्ष क्षेत्रों के लिए उड़ान संचालन को तब तक निलंबित किया जाए, जब तक केंद्रीय स्तर पर जोखिम का आकलन नहीं हो जाता। संगठन ने युद्ध जोखिम बीमा की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे क्षेत्रों में उड़ान भरने वाले चालक दल के सभी सदस्यों के लिए वैध बीमा कवरेज तुरंत शुरू किया जाए और वैध बीमा कवरेज का सत्यापन किया जाए। उसने कहाकि इस बीमा कवरेज में युद्ध जोखिम से जुड़े प्रावधान शामिल हों।

सीमित हो गई हैं उड़ानें
अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े पश्चिम एशिया के संघर्ष ने हवाई सेवाओं को काफी प्रभावित किया है, जिसके चलते कई एयरलाइन ने अपनी उड़ानें सीमित कर दी हैं। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को लिखे पत्र में एल्पा इंडिया ने कहा कि वाणिज्यिक एयरलाइन के पास संघर्ष क्षेत्रों में खतरों का सही आकलन करने के लिए आवश्यक खुफिया, निगरानी और भू-राजनीतिक विश्लेषण की क्षमता नहीं होती, इसलिए डीजीसीए को तत्काल समीक्षा कर ऐसे क्षेत्रों में उड़ानों को रोकना चाहिए।

जारी किए जाएं निर्देश
संगठन ने यह भी मांग की कि संघर्ष क्षेत्रों में उड़ान संचालन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्पष्ट और बाध्यकारी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। पत्र में एअर इंडिया के संचालन संबंधी निर्णयों की भी जांच की मांग की गई है, ताकि यह तय किया जा सके कि चालक दल और यात्रियों को जोखिम में डालने की जिम्मेदारी किसकी है, खासकर यदि पर्याप्त युद्ध जोखिम बीमा नहीं था। इससे पहले 18 मार्च को भी एल्पा इंडिया ने चालक दल और यात्रियों के लिए युद्ध जोखिम बीमा सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी।

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Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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