एयर इंडिया फ्लाइट टर्बुलेंस: नशे में था पायलट!
Air India Turbulence: एयर इंडिया ने यह भी कहा कि वह एविएशन नियमों के मुताबिक, अपने क्रू मेंबर्स का नियमित रूप से ड्रग टेस्ट कराती है और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेगी।

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस के बाद एक बड़ा ही चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, इस फ्लाइट के पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया है। इसके बाद उसे ड्यूटी से हटा दिया गया है। सूत्रों ने यह भी पुष्टि की कि विमान की ऊंचाई में अचानक गिरावट के संबंध में जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
हालांकि, एयर इंडिया ने पायलट के डोप टेस्ट के नतीजे की पुष्टि नहीं की है। एयरलाइन ने कहा कि फ्लाइट के बाद नियमों के तहत पायलटों का टेस्ट कराया गया था, लेकिन टेस्ट की रिपोर्ट अभी एयर इंडिया के साथ साझा नहीं की गई है। इसलिए वह नतीजे पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती।
एयर इंडिया ने क्या कहा?
एयर इंडिया ने यह भी कहा कि वह एविएशन नियमों के मुताबिक, अपने क्रू मेंबर्स का नियमित रूप से ड्रग टेस्ट कराती है और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेगी।
दरअसल, 145 यात्रियों वाली एयरबस A320 फुकेत से दिल्ली आ रही थी। ओडिशा के पास विमान को अचानक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा और विमान करीब 300 फीट नीचे गिर गया।
इस घटना के बाद पायलटों के डोप टेस्ट की रिपोर्ट को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने तक पायलट के टेस्ट में फेल होने की बात सिर्फ सूत्रों के हवाले से बताई जा रही है।
13 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स अस्पताल में भर्ती
दिल्ली पहुंचने के बाद इस फ्लाइट के 13 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि DGCA इस पूरे मामले की कई एंगल से जांच कर रहा है।
जांच में यह देखा जा रहा है कि टर्बुलेंस के दौरान पायलटों ने सही तरीके से विमान संभाला था या नहीं। साथ ही, टर्बुलेंस की वजह मौसम था या कोई दूसरी वजह, इसकी भी जांच हो रही है।
DGCA यह भी पता लगा रहा है कि विमान को अचानक नीचे गिरने से किसी तरह का तकनीकी नुकसान, जैसे हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी, तो नहीं हुई थी। इसके अलावा यह सवाल भी जांच के दायरे में है कि इतनी गंभीर घटना के बाद विमान को दिल्ली तक ले जाना सही फैसला था या उसे वाराणसी या लखनऊ जैसे किसी नजदीकी एयरपोर्ट पर उतारना चाहिए था।
फ्लाइट के पूरे क्रू को ड्यूटी से हटाया
जांच पूरी होने तक नियमों के मुताबिक, फ्लाइट के पूरे क्रू को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। यानी इस फ्लाइट के पायलट फिलहाल कोई उड़ान नहीं भर रहे हैं।
DGCA के नियमों के मुताबिक, अगर कोई पायलट पहली बार नशीले या साइकोएक्टिव पदार्थ के सेवन के टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे नशामुक्ति और पुनर्वास की प्रक्रिया से गुजरना होता है। इसके बाद डोप टेस्ट निगेटिव आने पर ही उसे दोबारा उड़ान ड्यूटी पर लौटने की अनुमति मिल सकती है।


