चीन की उड़ी नींद! भारत से खरीदी ब्रह्मोस को 'दागने' करने जा रहा यह देश, पाक में मचाई थी तबाही

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, मनीला
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फिलीपींस पहली बार भारत से आयातित 'ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल' का प्रदर्शन करने जा रहा है। जानिए दक्षिण चीन सागर में इस ऐतिहासिक कदम के सामरिक मायने और 'ऑपरेशन सिंदूर' में ब्रह्मोस की अचूक ताकत की पूरी कहानी।

चीन की उड़ी नींद! भारत से खरीदी ब्रह्मोस को 'दागने' करने जा रहा यह देश, पाक में मचाई थी तबाही

दुनिया की सबसे घातक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल भारत की 'ब्रह्मोस' अब फिलीपींस की सैन्य ताकत का मुख्य चेहरा बन गई है। फिलीपींस मरीन कॉर्प्स इस साल के सबसे बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास 'बालिकातन 2026' में पहली बार अपने इस घातक एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम का प्रदर्शन करने जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को घुटनों पर लाने वाली 'ब्रह्मोस' को वर्तमान में फिलीपींस के शस्त्रागार का सबसे शक्तिशाली और घातक हथियार माना जाता है।

बालिकातन 2026 में ब्रह्मोस की ऐतिहासिक एंट्री

फिलीपींस मरीन कॉर्प्स (PMC) पहली बार अमेरिका और फिलीपींस के संयुक्त सैन्य अभ्यास में भारत से खरीदी गई ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को मैदान में उतार रही है। इस युद्धाभ्यास के दौरान एक 'जॉइंट मैरीटाइम स्ट्राइक' यानी संयुक्त समुद्री हमले का अभ्यास किया जाएगा। इसमें ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल सिमुलेशन फायरिंग के लिए किया जाएगा ताकि युद्ध जैसी स्थिति में इसके सटीक इस्तेमाल को परखा जा सके।

दक्षिण चीन सागर में शक्ति प्रदर्शन

फिलीपींस और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर में लगातार तनाव बना रहता है। 'बालिकातन' जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में ब्रह्मोस का प्रदर्शन विरोधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि फिलीपींस के तटीय क्षेत्रों में घुसपैठ करना अब आसान नहीं होगा। ब्रह्मोस की सैकड़ों किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता फिलीपींस को एक मजबूत डिटरेंस प्रदान करती है। गौरतलब है कि दक्षिण चीन सागर में स्थित द्वीपों को लेकर फिलीपींस और चीन के बीच लंबे समय से गहरा क्षेत्रीय विवाद चल रहा है, जिसके मद्देनजर यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।

भारत के रक्षा निर्यात की बड़ी जीत

यह खबर केवल फिलीपींस के लिए नहीं, बल्कि भारत के लिए भी गर्व का विषय है। किसी दूसरे देश (फिलीपींस) द्वारा अमेरिकी सेना के साथ हो रहे संयुक्त अभ्यास में 'मेड इन इंडिया' हथियार का शान से प्रदर्शन करना, वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की बढ़ती धमक और हथियारों की विश्वसनीयता को साबित करता है।

जब पाकिस्तान पर बरपा ब्रह्मोस का कहर

मई 2025 में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों ने अपनी अचूक मारक क्षमता और विनाशकारी गति से पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में, भारतीय वायुसेना ने लगभग 19 ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान और PoK के भीतर गहराई में छिपे आतंकी ठिकानों के साथ-साथ नूर खान, सरगोधा और जैकबाबाद जैसे प्रमुख पाकिस्तानी एयरबेसों पर सटीक और भीषण प्रहार किए। ब्रह्मोस की घातक सटीकता के सामने पाकिस्तान का एयर डिफेंस नेटवर्क पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ, जिसके परिणामस्वरूप उनके सैन्य बुनियादी ढांचे, रडार सिस्टम और लॉजिस्टिक्स को भारी नुकसान पहुंचा। इस अभूतपूर्व विनाश ने पाकिस्तान को न केवल बड़े आर्थिक नुकसान की ओर धकेल दिया, बल्कि भारत की आक्रामक और निर्णायक सामरिक शक्ति के आगे उन्हें पूरी तरह से बेबस कर दिया।

सिमुलेशन फायरिंग क्या होती है?

मिसाइल सिमुलेशन फायरिंग एक प्रकार का वर्चुअल अभ्यास है। इसमें सैनिक कंप्यूटर स्क्रीन और वास्तविक मिसाइल लॉन्चर्स के कंट्रोल पैनल का इस्तेमाल करके दुश्मन के ठिकानों को ट्रैक करने और उन्हें नष्ट करने का अभ्यास करते हैं। इस प्रक्रिया में कोई भी असली मिसाइल नहीं दागी जाती है। सिमुलेटर के इस्तेमाल से हथियारों को संभालने से जुड़े हादसों का जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाता है। यह महंगी मिसाइलों और गोला-बारूद को खर्च किए बिना ही सैनिकों को युद्ध जैसा एकदम सटीक अनुभव प्रदान करता है, जिससे भारी वित्तीय बचत भी होती है।

सैन्य अधिकारियों के बयान

क्विजोन सिटी के कैंप एगुइनाल्डो में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, बालिकातन अभ्यास के फिलीपीन निदेशक मेजर जनरल फ्रांसिस्को लोरेन्जो ने बताया कि इस साल के अभ्यास में कई तरह की सैन्य क्षमताओं का उपयोग किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से इन अभियानों के सटीक समय और प्रकृति की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इसी बीच, बालिकातन अभ्यास के अमेरिकी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल क्रिश्चियन वॉर्टमैन ने पुष्टि की है कि फिलीपींस में वर्तमान में अमेरिका की 'टाइफून मीडियम रेंज कैपेबिलिटी' मिसाइल प्रणाली भी मौजूद है।

ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत और खूबियां

फिलीपींस ने अपनी समुद्री सुरक्षा की कमजोरियों को दूर करने, तटीय व द्वीप रक्षा अभियानों को मजबूत करने और 'एंटी-एक्सेस/एरिया-डिनायल' (दुश्मन को अपने क्षेत्र में घुसने से रोकने) की क्षमता बढ़ाने के लिए यह मिसाइल भारत से खरीदी है। ब्रह्मोस की पहली खेप (बैटरी) अप्रैल 2024 में फिलीपींस को सौंपी गई थी। इस मिसाइल प्रणाली की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

बैटरी की संरचना: एक सिंगल बैटरी में आमतौर पर तीन से छह लॉन्चर, सर्विलांस (निगरानी) व ट्रैकिंग उपकरण और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट वाहन शामिल होते हैं।

बहुमुखी लॉन्च प्लेटफॉर्म: इस क्रूज मिसाइल को जहाजों, विमानों, पनडुब्बियों या जमीन आधारित किसी भी प्लेटफॉर्म से दागा जा सकता है।

अचूक गति: इसकी अधिकतम गति लगभग 2.8 मैक (3,400 किलोमीटर प्रति घंटा) है, जो इसे दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक बनाती है।

मारक क्षमता: यह अपने साथ 200 से 300 किलोग्राम तक का पेलोड (युद्धक सामग्री) ले जाने में पूरी तरह सक्षम है।

बालिकातन अभ्यास क्या है?

तागालोग (फिलीपीनी) भाषा में 'बालिकातन' का अर्थ 'कंधे से कंधा मिलाकर' होता है। यह फिलीपींस और अमेरिका के बीच होने वाला एक वार्षिक और बेहद महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में किसी भी बाहरी खतरे का मिलकर सामना करना है।

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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