खतरे में डाल रहे जान, महबूबा मुफ्ती को सताने लगी सोनम वांगचुक की चिंता; जेन जी का जिक्र

लाइव हिन्दुस्तान, श्रीनगर
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महबूबा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक जेन जी का भविष्य बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ये परेशान करने वाले दृश्य हमें भारत को औपनिवेशिक शासन से आजाद कराने के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दी गई कुर्बानियों की याद दिलाते हैं।

Sonam Wangchuk

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहाकि केंद्र सरकार का जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे युवाओं से बातचीत करने से इनकार करना औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है। महबूबा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक जेन जी का भविष्य बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ये परेशान करने वाले दृश्य हमें भारत को औपनिवेशिक शासन से आजाद कराने के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दी गई कुर्बानियों की याद दिलाते हैं। अंग्रेज भले ही चले गए हों, लेकिन औपनिवेशिक मानसिकता अब भी बनी हुई लगती है।

सरकार है असंवेदशील

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर टिप्पणी की। नीट (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) प्रश्नपत्र मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह हड़ताल की जा रही है। महबूबा ने पूछाकि लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार की उस बेरुखी को और कैसे समझाया जा सकता है, जो इतनी असंवेदनशील है कि वह जंतर-मंतर पर मौजूद युवाओं से बात करने से भी इनकार कर देती है, वही युवा पीढ़ी जो भारत का भविष्य तय करेगी?

28 जून से धरने पर सोनम

नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का विरोध प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ था, जबकि शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए एवं तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। कॉजपा केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपए के मुआवज़े की मांग कर रही है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री भी मिले

पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने शुक्रवार को सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनसे अनशन समाप्त करने और अपने स्वास्थ्य तथा जीवन की रक्षा करने का आग्रह किया। एक बयान में कुमार ने कहा कि सिद्धांतों के आधार पर असहमति जताने वाले लोगों की जिंदगी की अहमियत समझी जानी चाहिए और उससे कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जनहित के मुद्दों के लिए वांगचुक के संघर्ष की भी सराहना की। पूर्व विधि और न्याय मंत्री ने एक बयान में कहाकि किसी भी जवाबदेह और गरिमापूर्ण लोकतंत्र में सिद्धांतों के आधार पर असहमति जताने वालों की जिंदगी को बहुत अहमियत दी जानी चाहिए और किसी भी वजह से उससे समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पार्टी ने केंद्र सरकार पर आंदोलनकारी छात्रों और नेताओं से संवाद न करने का आरोप लगाते हुए इसे असंवेदनशील और सत्तावादी रवैया करार दिया है। जारी बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार की लीक-प्रूफ परीक्षाएं कराने में विफलता की जड़ें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में हैं। पार्टी का आरोप है कि एनईपी 2020 के तहत शिक्षा व्यवस्था के केंद्रीकरण और व्यावसायीकरण को बढ़ावा मिला है, जिससे कोचिंग उद्योग तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही शिक्षा के सांप्रदायीकरण ने प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं को बढ़ावा दिया है।

Deepak Mishra

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Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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