Rajyasabha Chunav: आखिरकार पूरी हुई पवन खेड़ा की तपस्या, कांग्रेस ने दिया राज्यसभा का टिकट; हिमंत से भिड़ने का इनाम?
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे पवन खेड़ा पिछले कई मौकों पर राज्यसभा टिकट की रेस में बेहद आगे रहे थे। लेकिन हर बार उनका नाम ऐन वक्त पर कट जाता था। 2022 का खेड़ा का एक पोस्ट खूब वायरल हो रहा है।

कांग्रेस पार्टी ने पवन खेड़ा को राज्यसभा का टिकट दिया है। इस खबर को महज एक हार्ड न्यूज नहीं कहा जा सकता। वजह यह है कि इस टिकट के पीछे पवन खेड़ा की सालों की तपस्या है। वैसे तो पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और न्यूज चैनलों पर वे सालों से पार्टी का पुरजोर तरीके से पक्ष रखते आ रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनकी मानो एक फायरब्रैंड कांग्रेसी के रूप में छवि बन गई है। अब राज्यसभा टिकट के रूप में उन्हें पार्टी आलाकमान से बड़ा इनाम मिला है।
गौरतलब है कि कांग्रेस आलाकमान ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए जारी अपनी 7 उम्मीदवारों की सूची में पवन खेड़ा का नाम शामिल किया है। उन्हें कर्नाटक से मैदान में उतारा गया है। इसके साथ ही पवन खेड़ा अपने संसदीय पारी की शुरुआत भी करने जा रहे हैं। उन्हें राज्यसभा टिकट मिलते ही राजनीतिक गलियारों में एक वाक्य खूब प्रसिद्ध हो रहा है- 'पवन खेड़ा की तपस्या पूरी हुई'।
कौन सी तपस्या हुई पूरी?
कांग्रेस के सबसे मुखर चेहरों में शामिल पवन खेड़ा पिछले कई मौकों पर राज्यसभा टिकट की रेस में बेहद आगे रहे थे, लेकिन चुनावी और क्षेत्रीय समीकरणों के चलते हर बार उनका नाम ऐन वक्त पर कट जाता था। 2022 के राज्यसभा चुनावों में भी खेड़ा को टिकट मिलने की चर्चा थी। हालांकि जब कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा की थी तब उसमें पवन खेड़ा का नाम शामिल नहीं था। इसके तुरंत बाद ही उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट की थी। पोस्ट में लिखा था, "शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई।" उन्होंने अपनी इस पोस्ट में सीधे तौर पर राज्यसभा टिकट का जिक्र नहीं किया। लेकिन तब उनके पोस्ट ने खूब सुर्खियां बटोरीं। अब जब पवन खेड़ा को राज्यसभा में एंट्री का मौका मिला है तब एक बार यह पोस्ट वायरल हो रहा है।
हिमंत से ली थी सीधी टक्कर
पिछले कुछ महीनों में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ तीखे राजनीतिक और कानूनी विवादों का सामना करने के बावजूद खेड़ा फ्रंटफुट पर रहकर पार्टी का पक्ष रखते रहे। उनपर गिरफ्तारी की तलवार भी अटकी। पिछले महीने जब हिमंत की पत्नी से जुड़े मानहानि और जालसाजी के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी, तब दिल्ली पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत हुआ था। इस दौरान ‘शेर आया, शेर आया’ के नारे भी लगे। पूरे घटनाक्रम से उनकी जुझारू नेता के रूप में छवि और मजबूत हुई। अब लोग राज्यसभा टिकट को हिमंत बिस्वा से सीधी टक्कर का इनाम भी कह रहे हैं।
और किसे मिला टिकट?
कर्नाटक विधानसभा में संख्या बल के लिहाज से कांग्रेस आसानी से 3 राज्यसभा सीटें जीत सकती है। पार्टी ने तीनों सीटों पर दिग्गजों को उतारा है। कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया गया है। इन तीनों सीटों पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा रही है। इसके अलावा मध्य प्रदेश से राहुल गांधी की करीबी और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को टिकट दिया गया है। इससे करीब एक दशक बाद उनकी संसद में वापसी होगी। राजस्थान में कांग्रेस ने अपने मौजूदा राज्यसभा सांसद नीरज डांगी पर दोबारा भरोसा जताते हुए उन्हें फिर से प्रत्याशी बनाया है। तमिलनाडु में डेटा एनालिटिक्स विभाग के प्रमुख प्रवीण चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं झारखंड से खड़गे के करीबी और प्रणव झा जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन के सहयोग से राज्यसभा प्रत्याशी बने हैं।
18 जून को होंगे राज्यसभा चुनाव
गौरतलब है कि संसद के उच्च सदन की 24 सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होंगे। राज्यसभा की इन सीटों के लिए 10 राज्यों में चुनाव होंगे। यहां मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है। आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीट, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीट, झारखंड की दो सीट और मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट पर राज्यसभा चुनाव होंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख आठ जून है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
और पढ़ें

