Hindi NewsIndia NewsPathankot doctor arrested in connection with Delhi blasts worked at Al Falah University
दिल्ली ब्लास्ट में अब पठानकोट से डॉक्टर गिरफ्तार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कर चुका काम

दिल्ली ब्लास्ट में अब पठानकोट से डॉक्टर गिरफ्तार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कर चुका काम

संक्षेप: डॉ. रईस अहमद भट्ट को किस जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया है, ये अभी तक पता नहीं चला है। यहां तक कि लोकल पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। लेकिन पठानकोट के इस मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

Sat, 15 Nov 2025 02:14 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान, मोनी देवी
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दिल्ली ब्लास्ट की साजिश सिर्फ हरियाणा में ही नहीं रची गई थी, बल्कि पंजाब तक इसके तार जुड़े थे। इस मामले में अब पंजाब के पठानकोट के मामून कैंट में काम करने वाले एक डॉक्टर को इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट पर गिरफ्तार किया गया है। शनिवार देर रात उसे पकड़ा गया। उसकी पहचान जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के रहने वाले 45 वर्षीय रईस अहमद भट्ट के रूप में हुई है। वह 4 साल फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुका है और अब भी इस यूनिवर्सिटी के अपने कई फेलो के संपर्क में था। यह भी पता चला है कि डॉक्टर रईस भट्ट का दिल्ली विस्फोट के मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर के साथ भी संपर्क था।

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डॉ. रईस अहमद भट्ट को किस जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया है, ये अभी तक पता नहीं चला है। यहां तक कि लोकल पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। लेकिन पठानकोट के इस मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पठानकोट के मामून कैंट इलाके में व्हाइट मेडिकल कॉलेज है। यहां के प्रबंधक स्वर्ण सलारिया ने बताया कि डॉ. भट्ट को देर रात अज्ञात एजेंसी की ओर से गिरफ्तार किया गया। वह यहां तीन साल से बतौर सर्जन काम कर रहा था। वह एमबीबीएस, एमएस, एफएमजी और सर्जरी का प्रोफेसर था।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी में 4 साल रहा

इससे पहले वह चार साल तक फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुका है। सबसे गंभीर बात ये है कि डॉ. रईस की गिरफ्तारी पठानकोट के केंट इलाके से हुई है। पाकिस्तान की सीमा से लगा पंजाब का पठानकोट बेहद संवेदनशील शहर है। यहां के एयर फोर्स स्टेशन पर घातक आतंकी हमला हो चुका है। आपरेशन सिंदूर में भी पठानकोट पाकिस्तान के निशाने पर रहा था।

डॉ. रईस तक ऐसे पहुंची जांच एजेंसी

अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सामने आए व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल में जांच एजेंसी मौजूदा डॉक्टरों व स्टॉफ के अलावा पुराने लोगों को भी चेक कर रही है। जांच कर रही टीम ने यूनिवर्सिटी कैंपस में पहुंचकर ये पता लगाया कि यहां पहले कौन डॉक्टर व स्टॉफ काम कर चुके हैं। इसमें टीम ने पूछा कि वे लोग कितने समय पहले यहां से छोड़कर जा चुके हैं। उनके यहां से छोड़ने के कारण का भी पता किया गया कि वे किन वजहों से छोड़कर गए और वे कहां के रहने वाले थे। सभी के नाम, नंबर और यूनिवर्सिटी परिसर में कार्यरत रहने के दौरान उनके पद के अनुसार डिटेल ली गई थी। इसी डिटेल के आधार पर टीम पठानकोट में चल रहे मेडिकल कॉलेज तक पहुंची और डॉ. रईस अहमद भट्ट को गिरफ्तार किया।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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