चलती फ्लाइट में यात्री ने खोल दी इमरजेंसी EXIT गेट, चेन्नई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार; 231 लोग थे सवार
जैसे ही इमरजेंसी दरवाजा खुला, विमान के कॉकपिट में चेतावनी का अलार्म बज उठा। पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को तुरंत वहीं रोक दिया और हवाई अड्डा अधिकारियों को सूचित किया।

शारजाह से चेन्नई आ रही एयर अरबिया की एक फ्लाइट में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक 34 साल के यात्री ने विमान के लैंड होने के बाद टैक्सीवे पर चलते समय अचानक इमरजेंसी एग्जिट दरवाजा खोल दिया। इस घटना के बाद पायलट को तुरंत विमान रोकना पड़ा और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट जारी किया गया। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, एयर अरबिया का विमान 231 यात्रियों को लेकर शारजाह से चेन्नई पहुंचा था।
विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर लैंड कर चुका था और रनवे से टर्मिनल को जोड़ने वाले रास्ते (टैक्सीवे) पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान पुदुक्कोट्टई के रहने वाले एक यात्री ने अचानक उठकर विमान का आपातकालीन निकास द्वार खोल दिया। विमान उस समय पूरी तरह रुका नहीं था, जिसके कारण बड़ा हादसा हो सकता था। यात्री की इस हरकत को देख केबिन क्रू और साथी यात्री सन्न रह गए।
जैसे ही इमरजेंसी दरवाजा खुला, विमान के कॉकपिट में चेतावनी का अलार्म बज उठा। पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को तुरंत वहीं रोक दिया और हवाई अड्डा अधिकारियों को सूचित किया। पायलट ने इस घटना के संबंध में आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।
सूचना मिलते ही हवाई अड्डे पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान हरकत में आ गए। सशस्त्र अधिकारियों और बम निरोधक दस्ते के विशेषज्ञों के साथ एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सुरक्षाकर्मियों ने विमान के अंदर जाकर आरोपी यात्री को हिरासत में ले लिया और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले गए।
जांच के घेरे में यात्री की मानसिक स्थिति
विमान से उतारे जाने के बाद आरोपी यात्री से गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि यात्री ने आखिर ऐसा क्यों किया। अधिकारी यह भी आकलन कर रहे हैं कि क्या यात्री किसी मानसिक तनाव या स्वास्थ्य समस्या से गुजर रहा था, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती और अवैध कदम उठाया।
आपको बता दें कि विमानन नियमों के तहत टैक्सीवे या उड़ान के दौरान बिना किसी आपात स्थिति के इमरजेंसी गेट खोलना एक गंभीर अपराध है। इससे न केवल विमान के दबाव पर असर पड़ता है, बल्कि अन्य यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। आरोपी यात्री के खिलाफ नागरिक उड्डयन सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा उसे 'नो-फ्लाई लिस्ट' में भी डाला जा सकता है।
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लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
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