
प्रधानमंत्री सदन में आओ… संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का जोरदार प्रदर्शन; सोनिया, खरगे भी मौजूद
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजीजू ने सोमवार को कहा है कि सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव सुधारों पर चर्चा के खिलाफ नहीं है; लेकिन सरकार को जवाब देने के लिए कुछ समय दिया जाए।
संसद के शीतकालीन सत्र का पहला दिन SIR पर हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद मंगलवार को भी विपक्ष का हमला जारी है। कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्षी सांसदों ने सत्र के दूसरे दिन संसद परिसर में SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी भी की। विपक्षी सांसदों के हाथ में SIR के विरोध में कई पोस्टर भी दिखे, जिनमें इस प्रकिया को रोकने की मांग की गई है।
विपक्षी दलों के संसद भवन के मकर द्वार के निकट एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, द्रमुक नेता टी आर बालू और कई अन्य विपक्षी सांसद भी मौजूद रहे। प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं ने 'एसआईआर वापस लो' और ‘प्रधानमंत्री सदन में आओ’ के नारे लगाए। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने कहा जी कि उनका यह प्रदर्शन अभी जारी रहेगा। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “प्रोटेस्ट करते रहेंगे। जो अन्याय हो रहा है, लोकतंत्र को बचाने के लिए, ये प्रोटेस्ट करते रहेंगे।”
पहले दिन भी हुआ हंगामा
इससे पहले शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को भी विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बाधित रही थी। वहीं राज्यसभा में विपक्ष ने इस मुद्दे पर सदन से वॉकआउट किया था। सरकार ने कहा कि वह चर्चा के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसके लिए कोई निश्चित समययीमा तय नहीं की जा सकती। विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बाधित रही और सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
किरण रिजीजू ने दिया आश्वासन
उधर राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव सुधारों पर चर्चा के खिलाफ नहीं है लेकिन सरकार जवाब देने के लिए कुछ समय दिया जाए। हालांकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। रीजीजू ने कहा कि सरकार एसआईआर पर चर्चा की विपक्ष की मांग पर विचार कर रही है और इस मांग को खारिज नहीं किया गया है।





