पहले सत्ता और विपक्ष दो बेंच था, अब तीसरा बेंच गद्दारों का; TMC के बागियों पर तीखी हुईं महुआ
ममता बनर्जी की टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्री ने पार्टी के बागी सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष का दो बेंच होता था। अब गद्दारों की तीसरा बेंच आ गया है।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही लोकसभा में सीटों के नए आवंटन को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद ने बागी सांसदों को खूब-खरी खोटी सुनाई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा TMC के 20 बागी सांसदों को सदन में अलग बैठाने के लिए नई सीटें आवंटित किए जाने पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोमवार को करारा हमला बोला। महुआ मोइत्रा ने तंज कसते हुए कहा कि संसदीय लोकतंत्र में अब सत्तापक्ष और विपक्ष के अलावा एक नई श्रेणी 'गद्दार बेंच' बन गई है।
सोमवार को मीडिया से बात करते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी सांसदों की स्थिति और उनके लिए की गई व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “इन 20 भगोड़े और धोखेबाज़ सांसदों की अयोग्यता की याचिकाएं अभी लंबित हैं। ये दावा करते हैं कि वे गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी NCPI में शामिल हो गए हैं, लेकिन उनके विलय को स्पीकर ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है। इसके बावजूद रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में इन्हें आमंत्रित किया गया, जिसके विरोध में पूरे विपक्ष ने वॉकआउट किया था।”
उन्होंने आगे कहा, “आज हमने देखा कि सरकार ने सीटें ही बदल दी हैं। पहले केवल सत्तापक्ष और विपक्ष होता था। आज एक नई श्रेणी आ गई है- गद्दार बेंच। सुदीप बंद्योपाध्याय इस गद्दार बेंच के नेता के रूप में सबसे आगे बैठने जा रहे हैं। संसदीय लोकतंत्र में यह एक नया दिन है।” महुआ मोइत्रा ने इससे पहले सर्वदलीय बैठक के बाद भी बागियों पर निशाना साधा था।
लोकसभा स्पीकर ने बदलीं 39 सांसदों के सीटें
इससे पहले रविवार को स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा के सिटिंग अरेंजमेंट में बड़ा बदलाव किया है। अधिकारियों के मुताबिक TMC के 20 बागी सांसदों को अलग बैठाने की व्यवस्था करने की गई है और कुल 39 सांसदों की सीटें और डिविजन नंबर बदल गए हैं। इस प्रक्रिया में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदल गई है। इसके अलावा YSR कांग्रेस के पी वी मिधुन रेड्डी और शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल की सीटों में भी फेरबदल हुआ है।
बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था को हरी झंडी दी थी। ये सभी सांसद ममता बनर्जीका साथ छोड़कर 'नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में शामिल हो गए थे। इसके साथ ही ओम बिरला ने शिवसेना यूबीटी के 6 बागी सांसदों को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में विलय को भी मंजूरी दे दी थी।


