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एशिया में भारत को अलग-थलग करने की कोशिश में पाकिस्तान, चीन-बांग्लादेश संग क्या खिचड़ी?

एशिया में भारत को अलग-थलग करने की कोशिश में पाकिस्तान, चीन-बांग्लादेश संग क्या खिचड़ी?

संक्षेप:

इससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन ने इस साल की शुरुआत में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक त्रिपक्षीय तंत्र की स्थापना की थी। वहीं जून में तीनों देशों ने कुनमिंग में एक बैठक भी की थी।

Dec 10, 2025 10:36 pm ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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बीते मई महीने में भारत के खिलाफ जंग में मुंह की पटखनी खाने वाला पाकिस्तान इन दिनों भारत के खिलाफ नई साजिश रच रहा है और इसके लिए वह चीन और बांग्लादेश के साथ मिलकर नई खिचड़ी पका रहा है। दरअसल पाकिस्तान के मंसूबे एशिया में भारत को अलग थलग करने के हैं और वह पूरे जी जान से इसकी कोशिश में है। इसके साथ ही पाकिस्तान दक्षिण एशियाई भू-राजनीति में भारत के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को चुनौती देने की कोशिश भी कर रहा है।

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पाकिस्तान का प्रस्ताव

हाल ही में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने कहा है कि पाकिस्तान बांग्लादेश और चीन के साथ अपनी त्रिपक्षीय पहल को 'विस्तार' देने पर काम कर रहा है ताकि इसमें अन्य क्षेत्रीय देशों को शामिल किया जा सके। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम में इशाक डार ने लंबे समय से निष्क्रिय पड़े दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) की जगह एक नए क्षेत्रीय संगठन का भी प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव रखते हुए इशाक डार ने संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान को SAARC के इतर, एक उभरते बहुपक्षीय मंचों के लिए समर्थन प्राप्त है।

चीन, बांग्लादेश आएंगे साथ?

यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने क्षेत्रीय संगठन के नए नक्शे बनाने की कोशिश की है। पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर जून में भी इसी तरह की कोशिश की थी। इस साल की शुरुआत में पाक, बांग्लादेश और चीन ने समान हितों के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक त्रिपक्षीय गुट की स्थापित की थी। जून में तीनों देशों ने कुनमिंग में एक बैठक भी की थी।

क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?

हालांकि भारत के प्रभाव और काबिलियत को देखते हुए विश्लेषकों का मानना ​​है कि कोई भी देश ऐसे समूह में शामिल होने का जोखिम नहीं उठाएगा जिसमें भारत शामिल ना हो। लाहौर की एकेडमिक राबिया अख्तर के मुताबिक इस स्तर पर पाकिस्तान का प्रस्ताव केवल महत्वाकांक्षी नजर आ रहा है। वहीं नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर शांतनु कुमार सिंह के मुताबिक इस क्षेत्र के कुछ देश, जैसे नेपाल और भूटान, अपनी कई निर्यात जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत पर निर्भर हैं और संकट के समय भारत ने खुद की उपयोगिता भी साबित की है।

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BIMSTEC पर ध्यान केंद्रित कर रहा भारत

इस बीच भारत ने क्षेत्रीय सहयोग के लिए BIMSTEC (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) ग्रुप पर ध्यान देना शुरू कर दिया है, जिसमें पाकिस्तान शामिल नहीं है। बता दें कि SAARC का आखिरी शिखर सम्मेलन 2014 में हुआ था। इस ग्रुप की अगली बैठक 2016 में इस्लामाबाद में होनी थी। हालांकि उरी में हुए आतंकवादी हमले के बाद इस बैठक को रद्द कर दिया गया था। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान के साथ सार्क की बैठकें मुमकिन नहीं हैं।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari
जागृति ने 2024 में हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल सर्विसेज के साथ अपने करियर की शुरुआत की है। संत जेवियर कॉलेज रांची से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन करने बाद, 2023-24 में उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा हासिल किया। खबरें लिखने के साथ साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और अर्थव्यवस्था की खबरों को पढ़ना पसंद है। मूल रूप से रांची, झारखंड की जागृति को खाली समय में सिनेमा देखना और सिनेमा के बारे में पढ़ना पसंद है। और पढ़ें
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