हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकियों के लिए नोबेल मांग सकता है पाकिस्तान, ऐसा किसने कहा?

Apr 10, 2026 10:21 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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के कविता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि क्या अगला नोबेल हाफिज सईद और मसूद अजहर को मिलेगा? पाकिस्तान जैसे आतंकी देश का अपने नेताओं के लिए नोबेल की मांग करना हास्यास्पद है।

हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकियों के लिए नोबेल मांग सकता है पाकिस्तान, ऐसा किसने कहा?

तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने शुक्रवार को पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तो हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों के लिए भी नोबेल शांति पुरस्कार मांग सकता है। वह उन मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया दे रही थीं जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान अपने तीन नेताओं के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा, "आज हम एक बहुत ही दिलचस्प खबर सुन रहे हैं कि पाकिस्तान अपने तीन नेताओं, अलग-अलग लोगों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग कर रहा है। मेरा मानना ​​है कि उन्होंने अपनी नेशनल असेंबली में एक प्रस्ताव भी पारित किया है। यह सचमुच हास्यास्पद है, क्योंकि पहले वे मिस्टर ट्रंप के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मांग रहे थे, अब वे अपने लिए मांग रहे हैं।"

उनकी यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बीच आई है, जिनमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने हालिया कूटनीतिक और सैन्य घटनाक्रमों के बाद देश के शीर्ष नेतृत्व के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के नामांकन की मांग करने वाले एक प्रस्ताव का समर्थन किया है। कविता ने कहा कि इस मुद्दे को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और उन्होंने भारत के नागरिकों तथा नेतृत्व से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे किसी भी कदम का विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “अभी यह बात हास्यास्पद लग सकती है, लेकिन एक भारतीय के तौर पर मेरा मानना ​​है कि दुनिया के सामने इस आतंकवादी राष्ट्र का असली चेहरा बेनकाब करना हमारा मूल कर्तव्य है।”

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''क्या अगला नोबेल हाफिज सईद और मसूद अजहर को मिलेगा? पाकिस्तान जैसे आतंकी देश का अपने नेताओं के लिए नोबेल की मांग करना हास्यास्पद है। पहले वे ट्रंप के लिए नोबेल चाहते थे, अब वे अपने नेताओं के लिए तीन नोबेल की मांग कर रहे हैं। भविष्य में, हो सकता है कि वे हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों के लिए भी नोबेल की मांग कर बैठें। भले ही यह बात अभी मजाकिया लग रही हो, लेकिन एक भारतीय के तौर पर, दुनिया के मंच पर पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब करना हमारा मूल कर्तव्य है। हमें हर स्तर पर ट्वीट, पोस्ट और कार्रवाई करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह दुष्ट राष्ट्र नोबेल के नामांकन तक में जगह न बना पाए।''

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Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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