आसमान से भारत की जासूसी कर रहा पाकिस्तान, 16 महीने में ही लॉन्च कर दिए 6 सैटलाइट

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पाकिस्तान भारत से इस कदर घबराया रहता है कि जम्मू-कश्मीर क्षेत्र पर निगरानी रखने के लिए कई सैटलाइट लॉन्च कर दिए हैं। पाकिस्तान ने पिछले 16 महीने में 6सैटलाइट लॉन्च किए हैं और उन्हें जासूसी करने के लिए ऑर्बिट में अलाइन कर दिया है। 

आसमान से भारत की जासूसी कर रहा पाकिस्तान, 16 महीने में ही लॉन्च कर दिए 6 सैटलाइट

भारत में आतंकी गतिविधियों को जारी रखने के लिए पाकिस्तान एड़ी-चोटी का जोर लगा देता है। इसको लेकर कोई भी शक नहीं है। वहीं भारत पर नजर रखने के लिए पाकिस्तान अब सैटलाइट्स का इस्तेमाल कर रहा है। 'द प्रिंट' की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने पिछले एक साल में 6 सैटलाइन लॉन्च किए हैं। इन सैटलाइट्स को इस तरह से अलाइन किया गया है कि भारत पर नजर रखी जा सके। खास तौर पर उत्तरी भारत या यूं कहें कि जम्मू-कश्मीर की आसमान से रेकी करने के लिए पाकिस्तान पूरा जोर लगा रहे है।

चीन की मदद से भारत पर नजर रखना चाहता है पाकिस्तान

स्पेस टेक्नॉलजी के मामले में पाकिस्तान भारत के मुकाबले कहीं नहीं टिकता है। उसका उद्देश्य भी बहुत संकीर्ण है। एक तरफ भारत चंद्रमा तक की यात्रा कर रहा है तो दूसरी ओर पाकिस्तान सैटलाइट्स छोड़कर भी केवल जासूसी कर रहा है। वह इस मामले में चीन की मदद लेता है। चीन और पाकिस्तान एक दूसरे के सदाबहार दोस्त होने के नाते भारत के खिलाफ तत्काल एकजुट हो जाते हैं।

16 महीने में ही लॉन्च कर दिए 6 सैटलाइट

पाकिस्तान ने पिछले 16 महीने में ही 6 सैटलाइट लॉन्च कर दिए हैं। इनमें PRSS-2, HS-1, PRSC-EO2,PRSC-EO3, PAUSAT-1 और PRSC-EO1 सैटलाइट शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर सैटलाइट धरती पर नजर रखने और हाई रेज्यूलूशन इमेजरी के लिए डिजाइन किए गए हैं। कुछ एडवांस टेक्नॉलजी के हिसाब से भी बनाए गए हैं।

भारत पर नजर रख रहे सैटलाइट

रिपोर्ट के मुताबिक इन सैटलाइट्स को कक्षा में ऐसे अलाइन किया गया है कि एक ही क्षेत्र पर नजर रखते रहें और वहां होने वाले परिवर्तनों की सूचना देते रहें। भारत में जम्मू-कश्मीर के अलावा ईरान, अफगानिस्तान और चीन के एक हिस्से को भी सैटलाइट्स की नजर में रखा गया है। इसके अलावा उत्तरी हिंद महासागर पर भी नजर रखी जा रही है।

चीन भी उठा रहा है फायदा

पाकिस्तान के इन सैटलाइट्स का फायदा चीन भी उठा रहा है। भारत के बारे में हर जानकारी चीन भी चाहता है। इसके अलावा अफगानिस्तान, ईरान और हिंद महासागर के क्षेत्र में उसकी रुचि बनी ही रहती है। ऐसे में चीन और पाकिस्तान मिलकर एक सैटलाइट साजिश रच रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान अपोलो मैपिंग और स्काइफाई का इस्तेमाल करके सैटलाइट्स को इस हिसाब से तैनात कर रहा है कि वह भारत के अलग-अलग इलाकों की स्पष्ट तस्वीरें दे सके। वह भारत से आने और यहां से जाने वाले कमर्शल जहाजों पर भी नजर रख रहा है। पिछले एक साल में भारत के कई सैटलाइट फेल हो गए हैं। इनमें से तीन रणनीतिक स्तर पर बेहद अहम थे।

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Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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