Hindi NewsIndia NewsPakistan drowned in water at Wagah border, when it got insulted it started blaming India
वाघा बॉर्डर पर घुटनों तक पानी में खड़े होकर करनी पड़ी सेरेमनी, भारत पर भड़का पाकिस्तान

वाघा बॉर्डर पर घुटनों तक पानी में खड़े होकर करनी पड़ी सेरेमनी, भारत पर भड़का पाकिस्तान

संक्षेप:

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब फ्रंटियर के कई सीमा चौकियों में पानी भर गया था और कुछ को खाली भी कराना पड़ा। खासकर वे चौकियां जो रावी नदी से आगे और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच के क्षेत्र में आती हैं। वहां स्थिति गंभीर बनी हुई है।

Fri, 29 Aug 2025 10:10 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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वाघा बॉर्डर पर होने वाली रोजाना की परेड से पहले पाकिस्तान का हिस्सा घुटनों तक पानी में डूबा हुआ दिखाई दिया। इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पाकिस्तान ने जिम्मेदारी भारत पर डालते हुए दावा किया कि भारतीय हिस्से में ग्रैंड ट्रंक रोड की ऊंचाई बढ़ाने के कारण ही उसके इलाके में जलभराव हुआ है।

हालांकि, वास्तविकता यह है कि भारत ने पहले ही वाघा-अटारी सीमा पर वर्षा जल संचयन और बेहतर ड्रेनेज प्रबंधन प्रणाली लागू कर रखा है। इसी वजह से भारी वर्षा के बावजूद भारत का हिस्सा साफ और लगभग पानी से मुक्त दिखाई दिया, जबकि पाकिस्तान की ओर रेंजर्स घुटनों तक गंदे पानी में खड़े नजर आए।

आपको बता दें कि पाकिस्तान इस समय लगातार भारी वर्षा के बाद गंभीर बाढ़ से जूझ रहा है। वाघा परेड क्षेत्र में भी कीचड़ और पानी भर गया है। समारोह से पहले पाकिस्तानी इलाके में कई जगहों पर रेत की बोरियां लगाई गईं। इसके विपरीत भारत की तरफ केवल सीमा गेट के पास का एक छोटा इलाका ही पानी से प्रभावित रहा।

सूत्रों के अनुसार, भारत से शिकायत के बाद पाकिस्तान ने जल्दबाजी में कुछ अस्थायी नालियां बनाईं और सड़क के हिस्से को ऊंचा किया ताकि पानी की निकासी हो सके। इसके बावजूद, जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी।

बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के आईजी अतुल फुलज़ेले ने बताया कि 8-9 अगस्त को क्षेत्र में बहुत तेज और लगातार बारिश हुई थी। संभव है कि वायरल वीडियो उसी समय का हो। उन्होंने कहा, "अटारी, हुसैनीवाला और सादकी में होने वाली परेड के किसी भी स्थल पर पानी भराव नहीं हुआ।" हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब फ्रंटियर के कई सीमा चौकियों में पानी भर गया था और कुछ को खाली भी कराना पड़ा। खासकर वे चौकियां जो रावी नदी से आगे और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच के क्षेत्र में आती हैं। वहां स्थिति गंभीर बनी हुई है।