पहलगाम हमले में बड़े खुलासे, एनआईए के आरोप पत्र में जानकारी; क्या-क्या बताया

लाइव हिन्दुस्तान, श्रीनगर
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पहलगाम में पिछले साल हुए दुस्साहसिक आतंकी हमले की जांच में जुटे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से दायर आरोप पत्र में कहा गया है कि सीमा पार से आए ड्रोन पकड़ में आए बिना कश्मीर के बारामूला जिले तक हथियार और गोला-बारूद गिराने में कामयाब रहे।

Pahalgam attack NIA chargesheet

पहलगाम में पिछले साल हुए दुस्साहसिक आतंकी हमले की जांच में जुटे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से दायर आरोप पत्र में कहा गया है कि सीमा पार से आए ड्रोन पकड़ में आए बिना कश्मीर के बारामूला जिले तक हथियार और गोला-बारूद गिराने में कामयाब रहे। एनआईए की विस्तृत जांच में उन आतंकवादियों की हमले से पहले की गतिविधियों का पता चला है, जिन्होंने पिछले साल अप्रैल में पहलगाम के मशहूर बैसरन घास के मैदानों में हमला किया था। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें सीमा पार मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट कर दिया गया।

खुफिया जानकारी की कमी
आरोप पत्र का विश्लेषण करने वाले सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि 2022 और 2024 के बीच मानव के जरिए खुफिया जानकारी जुटाने में आई भारी कमी एक मुख्य कारण थी, जिसकी वजह से आतंकी समूह पकड़ में आए बिना घाटी में आसानी से घूम सके। जांच से इस इलाके में आतंकी गतिविधियों के तौर-तरीकों में एक चिंताजनक बदलाव का पता चलता है। नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पारंपरिक और कड़ी सुरक्षा वाले घुसपैठ के रास्तों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय, आतंकियों के सीमा पार बैठे आका अब अधिकतर मानवरहित वायुयान (यूएवी) का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि ये ड्रोन कई स्तरों वाली सुरक्षा घेराबंदी को पार करके अंदरूनी इलाकों तक पहुंचने में कामयाब रहे और सीधे उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में सक्रिय आतंकी गुटों तक हथियार और पैसे पहुंचा सके।

सुरक्षा व्यवस्था में झोल
माना जाता है कि बारामूला जिले में स्थित गोगल दारा के जंगल ड्रोन से सामान और हथियार गिराए जाने के केंद्र बन गए हैं, क्योंकि ये सीमा पार से सीधे दिखाई देते हैं। आरोप पत्र में विस्तार से बताया गया है कि हमलावरों ने पर्यटक स्थल पर हमला करने से पहले स्थानीय माहौल में खुद को कैसे ढाला और किस तरह घुले-मिले थे। लेकिन आरोपपत्र ने सुरक्षा विश्लेषकों के बीच सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को लेकर बहस भी छेड़ दी है। जानकारों का मानना ​​है कि 2022 से 2024 के दौरान जमीनी स्तर पर इंसानी खुफिया नेटवर्क बनाने के बजाय तकनीकी खुफिया जानकारी पर अधिक निर्भर रहने से ‘ऑपरेशनल गैप’ (कामकाज में बाधा) उत्पन्न हुआ। उनका मानना ​​है कि इसी कमी की वजह से हमलावरों को लक्ष्य की टोह लेने, ड्रोन से गिराए गए हथियार हासिल करने और शुरुआती चेतावनी प्रणाली को भनक लगे बिना बर्बर हमला करने का मौका मिला।

जीतना होगा समुदायों का भरोसा
आरोप पत्र में एनआईए ने कहाकि आतंकी समूह को 2024 की शुरुआत में गोगल दारा जंगल में ड्रोन से गिराए गए हथियारों की खेप मिली, जिसमें 20 पिस्तौल, 15 लाख रुपये और तिकोने आकार के बम (चीनी ग्रेनेड) थे। जानकारों का मानना ​​है कि आतंकी समूह ऊंची पहाड़ियों का इस्तेमाल सुरक्षित ठिकाने के तौर पर कर रहे हैं। उनका सुझाव है कि सुरक्षा बलों को अपनी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए और गुर्जर-बकरवाल खानाबदोश जनजाति का भरोसा फिर से जीतना चाहिए, जिन्हें पहाड़ों की ‘आंख और कान’ माना जाता है। इन समुदायों से दूरी और सुरक्षा बलों व इन दोनों समुदायों के बीच बढ़ता अविश्वास सुरक्षा बनाए रखने के लिए लिहाज से नुकसानदेह साबित हुआ है, खासकर पीर पंजाल रेंज में।

खतरे में साझेदारी
जानकारों के मुताबिक, लगभग 23 लाख की आबादी वाला गुर्जर और बकरवाल समुदाय दशकों से सुरक्षा बलों के लिए अहम सहयोगी रहा है। ऊबड़-खाबड़ इलाके की गहरी जानकारी और अटूट वफादारी के कारण वे जम्मू क्षेत्र में उग्रवाद को खत्म करने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। जानकारों और अधिकारियों का मानना ​​है कि मानवीय खुफिया जानकारी जुटाने में आई कमी के रूप में यह झटका 2022-23 के दौरान लगा, जब कई ‘सूत्रों’ से संपर्क टूट गया, जिससे सही खुफिया जानकारी मिलने में बाधा आई और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी साझेदारी खतरे में पड़ गई।

एनआईए के आरोप पत्र में पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों की गतिविधियों का विस्तार से ब्योरा दिया गया है। इससे पता चलता है कि वे बिना किसी की नजर में आए पहाड़ों और शहरी इलाकों से गुजरे। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ऐसा मानवीय खुफिया जानकारी की कमी के कारण हुआ।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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