पद्मश्री से सम्मानित, क्या गलत नाम की वजह से वोटर लिस्ट से कट जाएगा नाम? SIR का नोटिस
संतरे बेचकर छोटी सी कमाई से अपने पैतृक गांव में प्राइमरी स्कूल बनाने वाले हरेकला हजब्बा को एसआईआर का नोटिस मिला है। उन्हें 11 सितंबर तक अपने दस्तावेज जमा करने का समय दिया गया है।

संतरे बेचकर गांव में स्कूल बनवाने वाले दक्षिण कन्नड़ जिले के पद्मश्री हरेकला हजब्बा को एसआईआर का नोटिस थमा दिया गया है। उन्हें 11 सितंबर तक अपने दस्तावेज जमा करने की तारीख दी गई है। साल 2021 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। जानकारी के मुताबिक 2002 की वोटर लिस्ट में उनका नाम हजब्बा ही दर्ज था। वहीं अन्य दस्तावेजों जैसे कि राशन कार्ड, आधार, पासपोर्ट और वोटर आईडी कार्ड में उनका नाम हरेकला हजब्बा लिखा गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के जरिए उन्हें नोटिस भेजा गया है। चुनाव आयोग ने यह पता लगाने के लिए नोटिस भेजा है कि क्या यह वही मतदाता हैं या फिर इस नाम का कोई और है। उनसे कहा गया है कि 11 सितंबर को वह दस्तावेज जमा करें ताकि उनके नाम की पुष्टि हो सके।
कौन हैं हरेकला हजब्बा
हरेकला हजब्बा ऐसे शख्स हैं जिन्होंने अपना जीवन परोपकार के लिए समर्पित कर दिया। वह खुद तो कभी स्कूल नहीं गए लेकिन अपनी छोटी सी कमाई को भी बच्चों के लिए स्कूल बनाने में लगा दिया। हरेकला संतरे बेचते थे और इससे प्रतिदिन की लगभग 200 से 250 रुपये की कमाई हो जाती थी। इसके बाद साल 2000 में उन्होंने अपने गांव न्यूपाडापु में एक स्कूल बनवाया।
हजब्बा ने कहा, "आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मेरे घर आईं और उन्होंने मुझे यह नोटिस दिया। मुझे 11 सितंबर को ग्राम पंचायत के समक्ष मेरे मूल दस्तावेजों को प्रस्तुत करने को कहा गया है।" उन्होंने कहा कि यह मुद्दा जल्द सुलझ जाएगा। "मेरे आधिकारिक दस्तावेजों में हरेकल हजब्बा नाम है। मैं आवश्यक दस्तावेज जमा करूंगा।"
आपको बता दें कि विपक्ष एसआईआर की प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षा का कहना है कि चुनाव जीतने के लिए यह एसआईआर करवाया जाता है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर गैर-भाजपा शासित राज्यों में ''वोट चोरी'' की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि भाजपा राज्य में अगले विधानसभा चुनाव जीतने के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कांग्रेस समर्थकों के वोट काटने की कोशिश कर रही है।


