टीपू सुल्तान को लेकर बवाल, ओवैसी के बयान पर BJP भड़की; इतिहास विकृत करने का आरोप
टीपू सुल्तान को लेकर ओवैसी द्वारा दिए गए भाषण पर भाजपा ने नाराजगी जाहिर की है। तेलंगाना भाजपा के अध्यक्ष राव ने ओवैसी पर हमला बोलते हुए कहा कि ओवैसी इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत इसे स्वीकार नहीं करेगा।

18वीं सदी में मैसूर के सुल्तान टीपू को लेकर आज भारत की राजनीति तेज हो गई है। एआईएमआईएम चीफ ओवैसी द्वारा टीपू पर दिए गए बयान के बाद भाजपा ने उन पर पलटवार करते हुए इतिहास को तोड़-मोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। भाजपा की तरफ से कहा गया कि टीपू सुल्तान कर्नाटक, मैसूर और अन्य क्षेत्रों के हिंदुओं के उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार थे और उन्होंने कई काम ऐसे किए थे, जिन्हें हिंदू विरोधी माना गया था।
टीपू सुल्तान को लेकर ओवैसी द्वारा दिए गए बयान पर तीखी टिप्पणी करते हुए तेंलगाना भाजपा के अध्यक्ष एन. रामचंदर ने कहा कि टीपू सुल्तान का महिमामंडन करना इतिहास को तोड़कर पेश करने जैसा है। उन्होंने कहा, "सभी इस बात को जाते हैं कि टीपू सुल्तान कर्नाटक, मैसूर और अन्य स्थानों पर कई हिंदुओं के उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार थे। उनके का हमेशा हिंदू-विरोधी रहे हैं। एआईएमआईएम पार्टी उन्हें महिमामंडित करने की कोशिश कर रही है। ओवैसी उन्हें सावरकर से भी बड़ा व्यक्तित्व बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वह यह कहकर झूठ फैला रहे हैं कि सावरकर ने अंग्रेजों को माफी पत्र लिखे, पहले कांग्रेस ने यह झूठ फैलाया अब ओवैसी भी इसी राह पर है। भारत कभी भी ऐसे झूठे इतिहास को स्वीकार नहीं करेगा।"
आपको बता दें तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष की तरफ से यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब महाराष्ट्र के मालेगांव में डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की फोटो से विवाद मचा हुआ है। यहां भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने है, वहीं दूसरी तरफ ओवैसी ने एक कार्यक्रम में टीपू सुल्तान की विरासत का बचाव किया था।
हैदराबाद सांसद ने एक सभा को संबोधित करते हुए टीपू को एक शहीद करार दिया। उन्होंने कहा, "टीपू सुल्तान अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। टीपू ने अंग्रेजों को प्रेम-पत्र नहीं लिखे, जैसा कि वीर सावरकर ने किया था, जिसमें उन्होंने माफी मांगी थी। टीपू ने अपनी तलवार उठाई और देश को अंग्रेजों से मुक्त कराने की लड़ाई में शहीद हो गए।"
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ओवैसी ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "क्या यह झूठ है कि एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी पुस्तक ‘विंग्स ऑफ फायर’ में लिखा कि आज भारत के पास जो भी मिसाइल और रॉकेट तकनीक है, वह टीपू के सपनों को पूरा कर रही है? गांधीजी ने अपनी पत्रिका ‘यंग एज’ में लिखा था कि टीपू सुल्तान हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं।”
इससे पहले महाराष्ट्र में भी टीपू सुल्तान से जुड़ा विवाद बढ़ गया है। यहां पर कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल ने टीपू सुल्तान की तुलना शिवाजी महाराज के की, जिसके बाद भाजपा ने उनके खिलाफ तीखा हमला किया। पुणे में सकपाल के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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